जगदलपुर: बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के जगदलपुर स्थित प्रसिद्ध मंदिर में मंगलवार को दानपेटी (भंडार गृह) खोली गई। टेंपल कमेटी के सदस्यों, राजस्व अधिकारियों और जगदलपुर तहसीलदार राहुल गुप्ता की उपस्थिति में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दानपेटी को खोला गया। दानपेटी से लाखों रुपये की नकदी के साथ-साथ सोने-चांदी के आभूषण और श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गई बड़ी संख्या में मनोकामना पर्चियां भी बाहर निकली हैं।

प्रत्येक वर्ष शारदीय और चैत्र नवरात्रि से ठीक पहले मंदिर प्रबंधन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में दानपेटी खोलने की परंपरा रही है। एकत्रित हुई राशि की पारदर्शी तरीके से बैंक अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति में लगातार गिनती की जा रही है।
भक्ति और विश्वास का प्रतीक: ‘मनोकामना पर्ची’
दानपेटी में नकद एवं आभूषणों के अतिरिक्त श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गई अर्जियां विशेष चर्चा का विषय बनी हुई हैं। बस्तर और आसपास के राज्यों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं ने मां दंतेश्वरी के चरणों में अपनी मनोकामनाएं पर्ची में लिखकर समर्पित की हैं।
- आस्था की अर्जियां: पर्चियों में श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य, रोजगार, विवाह और प्रशासनिक सफलताओं जैसी विभिन्न मन्नते मांगी हैं।
- संरक्षण: मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की इस अगाध आस्था को सम्मान देते हुए सभी मनोकामना पर्चियों को सुरक्षित रखा जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था एवं अगला कदम
जगदलपुर तहसीलदार राहुल गुप्ता ने बताया कि दानपेटी से प्राप्त संपूर्ण राशि की गिनती पूर्ण होने के पश्चात इसे नियमानुसार शासकीय खजाने में जमा कराया जाएगा। इस राशि का उपयोग मंदिर के जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और नवरात्रि उत्सव के दौरान किए जाने वाले सुरक्षा व प्रबंधकीय कार्यों में किया जाता है।
वर्तमान में बैंक कर्मियों की मदद से नोटों और सिक्कों की गिनती का काम तेजी से जारी है, जिसके पूर्ण होने पर अंतिम राशि का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाएगा।