डेस्क । शहर में दुर्गा दर्शन के लिए निकले एक ही परिवार के 7 लोगों की गुपचुप (पानी पुरी) खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। मामला फूड पॉइजनिंग का बताया जा रहा है, जिसके बाद सभी पीड़ितों को तुरंत सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुई घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार शहर में मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए निकला था। दर्शन के दौरान परिवार के सदस्यों ने सीएमडी कॉलेज मैदान के पास एक ठेले से गुपचुप खाया। गुपचुप खाने के कुछ ही देर बाद उनकी सेहत अचानक तेजी से खराब होने लगी।
बीमार होने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल
इस फूड पॉइजनिंग की चपेट में आने वाले सभी 7 लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बीमार लोगों में 6 साल का एक मासूम बच्चा भी शामिल है। तबीयत बिगड़ने पर सभी को उल्टी, दस्त और चक्कर आने जैसी समस्याएं हुईं, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

सिम्स में चल रहा इलाज, डॉक्टरों की निगरानी में मरीज
घटना की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में सभी सातों पीड़ितों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में फिलहाल सभी का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर शहर में बिकने वाले खुले और स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता (Quality) पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। त्योहारी मेलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बिना किसी साफ-सफाई के धड़ल्ले से चाट-गुपचुप के ठेले लगाए जा रहे हैं, जिनमें दूषित पानी और बासी सामग्रियों का इस्तेमाल होने की आशंका बनी रहती है।
- प्रशासन से मांग: स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) से मांग की है कि त्योहारों के इस सीजन में शहर के सभी मेलों और भीड़भाड़ वाले मैदानों में लगने वाले खान-पान के ठेलों की सघन जांच की जाए, ताकि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।