डेस्क । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सड़क हादसों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया।
दुर्घटना की पूरी घटना
कांकेर जिला मुख्यालय के निकट नांदनमारा बाईपास क्रॉसिंग पर देर रात एक तेज रफ्तार कार ने दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में ऋषि कोर्राम और नवीन कुमार यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
यह क्रॉसिंग पहले से ही हादसों का केंद्र रही है, और तेज रफ्तार वाहनों के बेकाबू होने से यहां लगातार खतरा बना रहता है। इस दुर्घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में प्रशासन और यातायात व्यवस्था के खिलाफ भारी रोष व्याप्त था।
ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम
युवकों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार सुबह नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोगों ने हाईवे पर गड्ढे खोदने के लिए जेसीबी का उपयोग करने का भी प्रयास किया।
ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं:
- ओवरब्रिज का निर्माण: नांदनमारा बाईपास क्रॉसिंग पर तेज रफ्तार ट्रैफिक से बचाव के लिए तुरंत ओवरब्रिज बनाया जाए।
- सीसीटीवी कैमरे: दुर्घटनाओं पर नजर रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए कैमरे लगाए जाएं।
- हाईमास्ट लाइट: रात के समय दृश्यता (Visibility) बेहतर करने के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।
प्रशासन की समझाइश और स्थिति नियंत्रण
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने के लिए लंबी बातचीत की और उनकी मांगों पर जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
करीब दो घंटे तक चले चक्काजाम के बाद प्रशासन की समझाइश पर ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात को सुचारू होने दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि हमारे हाईवे और बाईपास क्रॉसिंग कितने असुरक्षित होते जा रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन और बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं (जैसे ओवरब्रिज और स्ट्रीट लाइट) की कमी रोजाना बेकसूर लोगों की जान ले रही है। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि केवल आश्वासन देने के बजाय तुरंत सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों और जनता के आक्रोश से बचा जा सके।