डेस्क । छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानों और पोस्टरों के जरिए जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक नया राजनीतिक पोस्टर जारी किया है, जिसमें सीधे तौर पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल को निशाना बनाया गया है। इस पोस्टर में भूपेश बघेल पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘लबरा’ (छत्तीसगढ़ी में झूठा या भ्रम फैलाने वाला) कहा गया है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के निजीकरण को लेकर दिए गए बयानों से शुरू हुआ है।
- भूपेश बघेल का दावा: कुछ समय पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया था कि केंद्र सरकार भिलाई स्टील प्लांट (BSP) का निजीकरण करने जा रही है। उनके इस दावे के बाद छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी, क्योंकि भिलाई स्टील प्लांट इस क्षेत्र की आजीविका और पहचान का एक अहम केंद्र है।
- SAIL का खंडन: भूपेश बघेल के इन दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने आधिकारिक तौर पर खंडन किया। SAIL ने स्पष्ट किया कि भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से निराधार और असत्य है। प्रबंधन की तरफ से स्थिति साफ होने के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर हमलावर होने का मौका मिल गया।
बीजेपी का आक्रामक रुख
SAIL द्वारा दावों का खंडन किए जाने के बाद बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए रायपुर में नया पोस्टर वॉर शुरू कर दिया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल राजनीतिक लाभ के लिए राज्य के मजदूरों और आम जनता के बीच झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि विपक्षी नेता बिना किसी तथ्य के जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
राजनीतिक मायने
छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट जैसी बड़ी सार्वजनिक इकाइयों से जुड़ी कोई भी खबर सीधा असर डालती है। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों का आमने-सामने आना आम बात है, लेकिन इस बार ‘लबरा’ जैसे छत्तीसगढ़ी शब्दों का इस्तेमाल कर सीधे व्यक्तिगत रूप से घेरना राजनीतिक पारा और बढ़ाने का काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से क्या पलटवार आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
