रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों सुगबुगाहट अपने चरम पर है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक, यानी महज कुछ ही दिनों के भीतर देश की चार बड़ी हस्तियों का छत्तीसगढ़ दौरा तय माना जा रहा है। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और देश के गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से राज्य का राजनीतिक पारा अचानक हाई हो गया है।
इन दौरों को न सिर्फ सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसके दूरगामी राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
कब और किसका है दौरा? (एक नजर में)
22-23 अक्टूबर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं RSS प्रमुख मोहन भागवत
विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत।
25-26 अक्टूबर
भाजपा प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी
सांगठनिक बैठकें और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद।
1 से 3 नवंबर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव (स्थापना दिवस) समारोह में मुख्य अतिथि/विशेष अतिथि के रूप में शामिल होना।
दौरों के प्रमुख बिंदु और उनके मायने
1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मोहन भागवत का प्रवास (22-23 अक्टूबर)
अक्टूबर के इन दो दिनों में छत्तीसगढ़ को दो प्रमुख विभूतियों का सानिध्य मिलने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक साथ राज्य में होने से सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। महामहिम के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राज्य के विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। वहीं, मोहन भागवत का प्रवास वैचारिक और सांगठनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2. स्मृति ईरानी का रायपुर दौरा (25-26 अक्टूबर)
राष्ट्रपति और संघ प्रमुख के दौरे के ठीक तुरंत बाद, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रायपुर पहुंच रही हैं। उनका यह दौरा पूरी तरह से राजनीतिक और सांगठनिक कसावट पर केंद्रित होगा। आगामी राजनीतिक रणनीतियों, स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों और पार्टी के भीतर समन्वय को मजबूत करने के लिए वे प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठकें कर सकती हैं।
3. राज्योत्सव और अमित शाह का आगमन (1 से 3 नवंबर)
छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस यानी ‘राज्योत्सव’ के मौके पर राज्य सरकार भव्य आयोजनों की तैयारी कर रही है। इस बार के राज्योत्सव में देश के गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने से इस उत्सव का कद और अधिक बढ़ गया है। 1 से 3 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में गृह मंत्री की मौजूदगी कई मायनों में खास रहने वाली है। यह राज्य की संस्कृति, विकास और सरकार की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने का एक बड़ा मंच साबित होगा।

प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र मुस्तैद
एक के बाद एक लगातार वीआईपी दौरों के चलते राजधानी रायपुर सहित पूरे राज्य में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री निवास से लेकर पुलिस मुख्यालय तक बैठकों का दौर जारी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, रूट चार्ट और प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति के आगमन से शुरू होने वाला यह दौर राज्योत्सव के समापन तक छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सुर्खियों के केंद्र में रखेगा। एक तरफ जहां यह दौरा राज्य के सांस्कृतिक और प्रशासनिक विकास को गति देगा, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में इन बैठकों और दौरों के सियासी समीकरणों पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।