डेस्क । प्राकृतिक आपदाओं और अनहोनी घटनाओं से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में बस्तर जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील पहल की है। जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा जिले के ऐसे 10 पीड़ित परिवारों के लिए कुल 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृति के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।
विभिन्न तहसीलों के पीड़ित परिवारों को मिला संबल
प्रशासन द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार, जिले की विभिन्न तहसीलों में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को यह सहायता राशि दी जा रही है:
- तहसील बस्तर: ग्राम छिंदगांव की निवासी पदमनी की तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री भास्कर को 4 लाख रुपए।
- तहसील करपावण्ड:
- ग्राम सतोषा की लालती की आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से मृत्यु होने पर पिता श्री शत्रुघन को।
- ग्राम पोलेबेड़ा के मनबोध की कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सनमती को।
- तहसील भानपुरी:
- ग्राम कावड़गांव की निवासी भगवती की सर्पदंश (सांप के काटने) से मृत्यु होने पर पिता श्री तुलाराम मौर्य को।
- ग्राम खण्डसरा की निवासी सोनमती की सांप काटने से मृत्यु होने पर उनके पति श्री गणेश यादव को।
- ग्राम भानपुरी (बड़ेपारा) के निवासी तीरनाथ की कुएं में गिरने से हुई मृत्यु पर उनकी पत्नी श्रीमती हेमबती यादव को।
- ग्राम सालेमेटा की निवासी सविता की सांप के काटने से हुई मृत्यु पर उनके पिता श्री कलानाथ को।
- तहसील बकावण्ड: ग्राम फरसीगांव के निवासी धनर कश्यप की गड्ढे के पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती दिलेश्वरी को।
- तहसील तोकापाल: ग्राम करंजी के निवासी चंदन की कुएं में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री रामचंद को।
- तहसील लोहण्डीगुड़ा: ग्राम अमलीधार के निवासी लखूराम की नदी के पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सिलदई कश्यप को आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
DBT के माध्यम से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि
पीड़ित परिवारों को पारदर्शी और त्वरित रूप से सहायता पहुंचाने के लिए कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के सभी तहसीलदारों को निर्देश जारी किए हैं। सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित (Transfer) किया जाएगा, जिससे पीड़ित परिवारों को बिना किसी परेशानी के समय पर आर्थिक संबल मिल सके।

प्रशासन के इस कदम से आपदा की घड़ी में अपनों को खो चुके इन 10 ग्रामीण परिवारों को तात्कालिक रूप से बड़ा सहारा मिलेगा।