चक्रधर समारोह में बस्तर की माटी की खुशबू: ‘बादल’ संस्था के कलाकारों ने बांधा समां

डेस्क । कला और संगीत की नगरी रायगढ़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित 10 दिवसीय ‘विश्व विख्यात चक्रधर समारोह’ के चौथे दिन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित मंच पर बस्तर की समृद्ध और अनूठी लोक संस्कृति का डंका बजा।

बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) संस्था, आसना के कलाकार दल ने अपनी लयबद्ध धुनों और ऊर्जावान लोक नृत्यों से न केवल पूरे वातावरण को लोक रंग में सराबोर कर दिया, बल्कि उपस्थित विशाल जनसमूह का दिल भी जीत लिया।

​लोक वाद्यों की धुन और जनजातीय नृत्यों की भव्य प्रस्तुति

​उपायुक्त आदिवासी विकास एवं नोडल अधिकारी (बादल संस्था) श्री जी.आर. सोरी और प्रशासक श्री आशुतोष ठाकुर के मार्गदर्शन में पहुंचे दल ने मंच संभालते ही बस्तर के पारंपरिक लेजा गीत, झाली आना, परब गीत और वैवाहिक लोक वाद्यों की मधुर तान छेड़ी। इसके बाद जनजातीय धरोहर को दर्शाते नृत्यों की प्रस्तुति शुरू हुई:

  • ​धुरवा मंडई नाचा: धुरवा जनजाति की सांस्कृतिक पहचान इस नृत्य ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसका कुशल नेतृत्व तेजेंद्र कुमार कश्यप और उनके सहयोगियों ने किया।
  • ​गौर सिंग लोक नृत्य: माड़िया जनजाति के इस जगप्रसिद्ध और ऊर्जावान नृत्य की प्रस्तुति गणेश मंडावी और उनके दल द्वारा दी गई। गौर के सींगों से सजे पारंपरिक परिधान और ढोल की थाप पर कलाकारों की थिरकन देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस संगीतमय सफर को सुरम्य बनाने में गायन दल के सदस्य भरत गंगादित्य, विशाल सिंह ठाकुर, विनीता पांडे, दिनेश साहू, सिद्धार्थ वैष्णव, कालीदास, रामदास और हेमलता करंगा की मुख्य भूमिका रही।

​वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की 51 हजार की प्रोत्साहन राशि की घोषणा

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी कलाकारों के इस असाधारण प्रदर्शन से अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने मंच से ही बस्तर के कलाकार दल को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रतिनिधि कलाकारों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

​”नक्सलवाद के साये से निकलकर शांति और कला के पथ पर अग्रसर बस्तर”

​समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित मंच बताया और कहा कि सुदूर बस्तर अंचल के कलाकारों द्वारा अपनी माटी की कला का इतना भव्य प्रदर्शन रायगढ़ और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

​दंतेवाड़ा कलेक्टर के रूप में अपने पुराने कार्यकाल और बस्तर से अपने आत्मीय जुड़ाव को याद करते हुए वित्त मंत्री ने कहा:

​“एक दौर था जब बस्तर से आए दिन केवल नक्सली वारदातों की खबरें आती थीं। लेकिन वर्तमान सरकार के निरंतर प्रयासों, विकास कार्यों और पुलिस प्रशासन की रणनीति से आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। बस्तर अब शांति, कला और तेज़ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।”

​बस्तर के कलाकारों ने जताया आभार

​राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित मंच पर मिली सराहना, सम्मान और प्रोत्साहन राशि पर ‘बादल’ संस्था और बस्तर के कलाकारों ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। कलाकारों ने संकल्प लिया कि वे अपनी पूर्वजों से मिली समृद्ध लोक संस्कृति और जनजातीय विरासत को देश-विदेश के बड़े मंचों तक इसी गर्व और ऊर्जा के साथ पहुंचाते रहेंगे।

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