डेस्क । राज्य में चक्रवात (Cyclone) के संभावित खतरे और मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी की गई भारी बारिश व तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी ने बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों का समीक्षात्मक आकलन कर अपने-अपने जिलों के स्कूलों में अवकाश (छुट्टी) घोषित करने के निर्देश दिए हैं।

विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट में चक्रवात के कारण तटीय और निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश, जलभराव और तेज आंधी चलने की आशंका जताई गई है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों के आवागमन में जोखिम को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि “छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
स्थानीय स्तर पर होगा निर्णय
राज्य की भौगोलिक स्थिति और चक्रवात के असमान प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, अवकाश का निर्णय पूरी तरह से जिला कलेक्टरों पर छोड़ दिया गया है:
- स्थिति का आकलन: जिला कलेक्टर अपने-अपने जिले में मौसम की विकटता, सड़कों की स्थिति और जलभराव के खतरे की समीक्षा करेंगे।
- त्वरित निर्णय: चक्रवात से प्रभावित होने वाले या अधिक जोखिम वाले जिलों में कलेक्टर तुरंत प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में अवकाश की घोषणा कर सकेंगे।
- प्रशासनिक स्वतंत्रता: जहाँ चक्रवात का प्रभाव कम रहेगा, वहाँ स्थानीय परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाएगा ताकि पढ़ाई का अनावश्यक नुकसान भी न हो।
जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के बाद राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग (State Disaster Management Authority) और सभी जिलों का प्रशासनिक अमला मुस्तैद हो गया है।
- राहत एवं बचाव दल तैयार: बाढ़ और जलभराव संभावित क्षेत्रों में SDRF/NDRF की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
- आपातकालीन कंट्रोल रूम: नागरिकों की सहायता के लिए 24/7 जिला स्तरीय कंट्रोल रूम चालू कर दिए गए हैं।
- अभिभावकों को सलाह: जिला प्रशासन द्वारा सभी अभिभावकों और स्कूल प्रबंधनों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक आदेशों व सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।
अभिभावक और छात्र ध्यान दें
सभी विद्यार्थी और अभिभावक अपने जिले के जिला मजिस्ट्रेट / कलेक्टर कार्यालय (DM Office) या शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक आदेशों पर नज़र रखें। मौसम खराब रहने की स्थिति में बच्चों को बिना वजह घर से बाहर न निकलने दें।