डेस्क । डिजिटल दुनिया में जहां एक ओर नौकरी की तलाश आसान हुई है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी नए-नए तरीकों से बेरोजगारों और नौकरीपेशा युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक ताज़ा मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ प्रोफेसर कॉलोनी निवासी नवीन कन्नौजे ऑनलाइन ठगी (Cyber Fraud) के शिकार हो गए हैं। शातिर ठगों ने क्रेडिट कार्ड के जरिए उनसे 2 लाख 72 हजार रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली।

कैसे बनी ठगी की योजना?
पीड़ित नवीन कन्नौजे ने अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी तलाशने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपना सीवी (Curriculum Vitae/Resume) अपलोड किया था। कुछ ही समय बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने नवीन से संपर्क किया और खुद को एक नामी कंपनी का प्रतिनिधि बताया।
ठग ने नवीन को भरोसा दिलाया कि उनका प्रोफाइल शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है और अब आगे का इंटरव्यू कराया जाएगा। लेकिन इंटरव्यू प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन के नाम पर उसने एक मामूली शर्त रखी—मात्र 10 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करने की।
10 रुपये के ट्रांजैक्शन से 2.72 लाख का चूना
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में महज 10 रुपये की बात सुनकर नवीन को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। ठग द्वारा भेजे गए एक फ़र्जी लिंक (या पोर्टल) पर नवीन ने अपने क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी दर्ज की और पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की।
कार्ड की जानकारी हाथ लगते ही ठगों ने पीड़ित के खाते पर धावा बोल दिया। एक के बाद एक चार किस्तों/बार में ठगों ने कुल 2,72,000 रुपये पार कर दिए। जब तक नवीन को मामले की गंभीरता समझ में आती और वे अपना कार्ड ब्लॉक करवाते, तब तक उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट खाली हो चुकी थी।
पुलिस में शिकायत दर्ज
घटना के बाद पीड़ित नवीन कन्नौजे तुरंत पुरानी बस्ती थाना पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से ठगों के फोन नंबर, बैंक खातों और ट्रांजैक्शन लिंक की तकनीकी जांच की जा रही है।

सुरक्षा सलाह: ऑनलाइन जॉब सर्च में इन बातों का ध्यान रखें
- कोई भी कंपनी पैसे नहीं मांगती: कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी या रिक्रूटर इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग के नाम पर पैसे की मांग नहीं करता।
- अज्ञात लिंक पर कार्ड डिटेल्स न भरें: किसी भी अनजान कॉल या मैसेज में आए लिंक पर जाकर अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी (नंबर, CVV, एक्सपायरी डेट या OTP) शेयर न करें।
- कम रकम के झांसे में न आएं: ठग अक्सर 1, 5 या 10 रुपये के छोटे ट्रांजैक्शन का झांसा देकर आपका कार्ड डेटा चुराते हैं।
- साइबर हेल्पलाइन का उपयोग करें: यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।