डेस्क । शराब की खरीदारी से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) ने राज्य में शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाने और वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने के लिए डिजिटल भुगतान (Digital Payment) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
1 नवंबर 2026 से लागू होगा नया नियम
TASMAC द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 1,000 रुपये या उससे अधिक की शराब की बोतल खरीदने पर डिजिटल भुगतान करना अनिवार्य होगा।
वर्तमान में तमिलनाडु में TASMAC के तहत लगभग 4,048 खुदरा दुकानें संचालित हो रही हैं। यह नया नियम चरणबद्ध (phased) तरीके से लागू किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।

भुगतान के विकल्प: क्या बदलेगा और क्या रहेगा?
- 1,000 रुपये से अधिक की खरीदारी: नकद (Cash) भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्राहकों को केवल UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान करना होगा।
- 1,000 रुपये से कम की खरीदारी: ग्राहकों को नकद और डिजिटल भुगतान दोनों के विकल्प मिलते रहेंगे।
निजी QR कोड पर सख्त प्रतिबंध
अक्सर यह देखा गया है कि दुकानों के कर्मचारी ग्राहकों से अपने निजी खातों में पैसे ले लेते हैं। इस पर नकेल कसते हुए TASMAC ने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने निजी बैंक खातों या व्यक्तिगत QR कोड का उपयोग बिल्कुल न करें।
बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि सीधे TASMAC के आधिकारिक बैंक खाते में जमा होना अनिवार्य किया गया है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की वजहें
तमिलनाडु में UPI और कार्ड से भुगतान की सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन शराब की दुकानों पर अब भी ज्यादातर लेन-देन नकद में ही होते हैं। रोज़ाना बड़ी मात्रा में नकद राशि (Cash) संभालने के कारण कर्मचारियों और प्रबंधन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है:
- सुरक्षा जोखिम: दुकानों पर भारी मात्रा में नकदी रहने से चोरी और लूटपाट का खतरा बना रहता है।
- हिसाब-किताब में गड़बड़ी: नकद लेनदेन में इंसानी भूल या वित्तीय अनियमितता की गुंजाइश अधिक होती है।
- नकली नोटों की समस्या: बड़े नोटों के रूप में नकली मुद्रा मिलने की संभावना बनी रहती है।
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से इन सभी व्यावहारिक समस्याओं और सुरक्षा जोखिमों से राहत मिलने की उम्मीद है।
ओवरचार्जिंग (MRP से ज्यादा दाम) पर लगेगी रोक
ग्राहकों की एक बड़ी शिकायत यह रही है कि शराब की दुकानों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक पैसे वसूले जाते हैं। नया डिजिटल नियम इस समस्या का समाधान बन सकता है:
पारदर्शिता: डिजिटल लेनदेन से प्रत्येक बिक्री का सटीक समय और ली गई राशि सीधे सिस्टम रिकॉर्ड में दर्ज होगी। इससे यदि कोई कर्मचारी निर्धारित कीमत से ज्यादा पैसे लेता है, तो उसकी जांच और निगरानी करना आसान हो जाएगा।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
TASMAC ने अपने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों के लिए कड़े दिशानिर्देश तय किए हैं:
- अनिवार्य बिलिंग: सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया है कि वे हर खरीदारी का रसीद (Bill) दें।
- भुगतान की पुष्टि: आधिकारिक POS मशीन पर डिजिटल भुगतान की पुष्टि (Confirmation) होने के बाद ही ग्राहक को शराब की बोतल सौंपी जाएगी।
- कार्रवाई का प्रावधान: नए नियमों का उल्लंघन करने वाले या निजी खातों में पैसे लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- ग्राहक जागरूकता: ग्राहकों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए सभी दुकानों पर सूचना बोर्ड (Information Boards) लगाए जाएंगे।
- साप्ताहिक समीक्षा: इस पूरी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर हफ्ते समीक्षा (Weekly Review) की जाएगी।
निष्कर्ष
TASMAC का यह कदम न केवल राज्य में शराब की बिक्री को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के तहत नकद रहित (cashless) लेनदेन को भी बढ़ावा देगा। ग्राहकों को सही मूल्य पर पारदर्शी तरीके से सेवा मिलना और राजस्व की बर्बादी रुकना इस पहल का सबसे बड़ा लाभ होगा।