जगदलपुर । शहर के हृदय स्थल पुराने बस स्टैंड स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित व्यावसायिक भवन के बेसमेंट में हाल ही में नई पार्किंग व्यवस्था शुरू की गई है। शहरवासियों को उम्मीद थी कि इससे यातायात और पार्किंग की समस्याओं से राहत मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आज यह पार्किंग स्थल सुविधा कम और बीमारियों का अड्डा अधिक नजर आ रहा है।

गंदा पानी और सड़न के बीच गाड़ी खड़ी करने को मजबूर लोग
पार्किंग के बेसमेंट में आज भी भारी मात्रा में पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण यह पानी लंबे समय से सड़ रहा है, जिससे पूरा परिसर भीषण दुर्गंध की चपेट में है। इसके अलावा, अंधेरे और नमी वाले इस बेसमेंट में सैकड़ों चमगादड़ों ने अपना बसेरा बना लिया है।
चमगादड़ों की बीट (मल) और सड़ते पानी की मिली-जुली बदबू इतनी तीव्र है कि वहां कुछ मिनट खड़े रहना भी दूभर हो जाता है। मजबूरी में अपनी गाड़ियाँ पार्क करने वाले नागरिक इस घुटनभरी और बदबूदार हवा में सांस लेने को विवश हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता: बीमारियों को न्योता!
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, चमगादड़ और लंबे समय से ठहरे हुए दूषित पानी से गंभीर बीमारियां और संक्रमण फैलने का सबसे अधिक खतरा होता है। चमगादड़ों के संपर्क और उनके मल से कई तरह के खतरनाक वायरस और सांस की बीमारियां (रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन) फैल सकती हैं। बार-बार इस बदबूदार और दूषित वातावरण के संपर्क में आने से शहरवासियों का बीमार पड़ना तय माना जा रहा है।
“सुविधा के नाम पर जनता को बीमारियों की ओर धकेला जा रहा है। इतनी बदबू और गंदगी के बीच कोई भी आम नागरिक अपनी सेहत को खतरे में डाले बिना गाड़ी खड़ी नहीं कर सकता।”
— एक परेशान स्थानीय नागरिक
जनहित दरकिनार: महापौर व निगम प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
इन तमाम गंभीर समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को जानते हुए भी नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा इस पार्किंग को आनन-फानन में जनता के लिए खोल देना बेहद चिंताजनक है।
नागरिकों का आरोप है कि निगम प्रशासन को जनता की जान-माल और सेहत की कोई परवाह नहीं है। बेसमेंट की साफ-सफाई, पानी की निकासी और चमगादड़ों से निजात पाए बिना इस पार्किंग को शुरू करना सीधे तौर पर शहरवासियों के जीवन से खिलवाड़ करने जैसा है।
प्राथमिक मांगें:
- तत्काल सफाई व जल निकासी: बेसमेंट में जमा गंदे पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए।
- पेस्ट कंट्रोल व सैनिटाइजेशन: चमगादड़ों को सुरक्षित रूप से वहां से हटाकर पूरे बेसमेंट को सैनिटाइज किया जाए।
- उचित प्रकाश व वेंटिलेशन: पार्किंग परिसर में ताजी हवा और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए।
जब तक ये मौलिक सुधार नहीं किए जाते, तब तक इस पार्किंग का संचालन जनता के स्वास्थ्य पर एक बड़ा सवालिया निशान बना रहेगा।