जगदलपुर । जगदलपुर शहर के नयापारा वासियों को आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद राहत मिली है। पिछले 5 महीनों से अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय रहवासियों के चेहरे पर कुछ समय के लिए खुशी लौट आई है। लेकिन यह राहत बेहद अस्थायी और अल्पकालिक है, क्योंकि इस मार्ग पर विकास कार्यों के नाम पर एक बार फिर लापरवाही की बड़ी कहानी लिखी जाने की तैयारी पूरी है।

कुछ महीनों की खुशी, फिर वही धूल और परेशानी
हकीकत यह है कि नयापारा की इस सड़क को राहत भले ही मिल रही हो, लेकिन यह सुख केवल कुछ महीनों का ही है। इस मार्ग पर एक नई पाइपलाइन बिछाने का काम पहले ही स्वीकृत हो चुका है, जिसके महज दो महीने बाद शुरू होने की पूरी संभावना है।
यानी, जैसे ही नई सड़क बनकर तैयार होगी, उसके कुछ ही दिनों बाद पाइपलाइन डालने के लिए उसे दोबारा खोद दिया जाएगा। नतीजतन, शहरवासियों को एक बार फिर से धूल, उड़ते कंकड़ और निर्माण कार्यों के कारण होने वाली भारी परेशानियों से जूझना पड़ेगा।
समन्वय की भारी कमी और लापरवाही का नतीजा
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पाइपलाइन का काम पहले से ही स्वीकृत था, तो क्या प्रशासनिक स्तर पर इतनी सुझबुझ नहीं होनी चाहिए थी कि दोनों काम एक साथ किए जाएं?
यदि सड़क निर्माण के दौरान ही साथ-साथ पाइपलाइन बिछाने का काम भी कर लिया जाता, तो न तो हाल ही में बनी-बनाई सड़क को दोबारा खोदने की नौबत आती और न ही जनता को बार-बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। लेकिन नगर निगम और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय की घोर कमी और दूरदर्शिता के अभाव का खामियाजा अंततः आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।
“जब दोनों काम होने ही हैं, तो तालमेल बैठाकर एक साथ क्यों नहीं किए जा रहे? एक तरफ सड़क बनाओ और कुछ महीनों बाद उसे फिर तोड़ दो—यह प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान है।”
— एक स्थानीय रहवासी
जनता के टैक्स के पैसों की सरासर बर्बादी
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे गंभीर पहलू जनता के खून-पसीने की कमाई यानी टैक्स के पैसों की बेदर्दी से होने वाली बर्बादी है। कुछ महीने पहले जिस सड़क पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करके निर्माण किया जाएगा, उसे कुछ ही समय बाद पाइपलाइन के नाम पर जेसीबी से खोदकर मलबे में तब्दील कर दिया जाएगा।
क्या नगर निगम और जिम्मेदार अधिकारियों को जनता के पैसों की इस बर्बादी का कोई अहसास नहीं है? बिना किसी समन्वय के हो रहे ये कार्य प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं।

जनता की मांग: समन्वय बिठाकर रोका जाए पैसे और समय का नुकसान
नयापारा के जागरूक नागरिकों और शहरवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस मूर्खतापूर्ण और अदूरदर्शी योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए। पाइपलाइन बिछाने के काम को वर्तमान सड़क निर्माण के साथ ही समन्वित किया जाए, ताकि जनता को बार-बार परेशानी से न गुजरना पड़े और सरकारी खजाने के पैसों की बर्बादी को बचाया जा सके।