जगदलपुर। राष्ट्रीय आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को एक नया आयाम दे रहा है। अपने नाम को सार्थक करते हुए इस मिशन ने उन ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन और असीम संभावनाओं के द्वार खोले हैं, जिनकी कुछ वर्षों पूर्व कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। केवल खेती और घर-गृहस्थी तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज अपनी नई भूमिकाओं में सफलता का परचम लहरा रही हैं। ईंट निर्माण, रेडी-टू-ईट भोजन, पशु आहार और मसाले निर्माण से लेकर अब वे बस-टैक्सी परिवहन तथा राजमिस्त्री के रूप में भी आर्थिक गतिविधियों का संचालन कुशलतापूर्वक कर रही हैं।

प्रगति महिला स्व सहायता समूह: आत्मनिर्भरता की मिसाल
इसी प्रेरणादायी श्रृंखला में जगदलपुर विकासखंड के ग्राम तूरेनार अंतर्गत जमावाड़ा ग्राम की प्रगति महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने रेडी-टू-ईट आहार निर्माण एवं पैकेजिंग कार्य को सफलतापूर्वक अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
समूह की सचिव श्रीमती मायावती बघेल ने बताया कि उनका समूह वर्ष 2025 से रेडी-टू-ईट आहार निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ है। इस समूह में कुल 12 महिलाएं सदस्य के रूप में कार्यरत हैं, जो पूरी सतर्कता, गुणवत्ता और स्वच्छता के साथ महिलाओं एवं शिशुओं के लिए आवश्यक पोषक आहार तैयार करती हैं।
“समूह की सदस्य महिलाओं को इस बात की अत्यंत प्रसन्नता है कि वे जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के राष्ट्रीय और सामाजिक अभियान में अपना सक्रिय योगदान दे रही हैं।”
— मायावती बघेल, सचिव, प्रगति महिला स्व सहायता समूह
पोषाहार का सही संतुलन और उत्पाद
इस पोषक आहार को तैयार करते समय स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक सामग्रियों का सही अनुपात में मिश्रण तैयार किया जाता है:
- सामग्रियां: गेहूं, रागी, सोयाबीन, मूंग दाल, मूंगफली, तेल और गुड़ आदि।
- प्रमुख उत्पाद:
- मीठा शक्ति आहार: शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए विशेष रूप से तैयार।
- नमकीन दलिया: महिलाओं एवं किशोरियों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैकेज्ड पोषाहार।
व्यापक नेटवर्क और आर्थिक स्वावलंबन
जमावाड़ा ग्राम का यह रेडी-टू-ईट निर्माण केंद्र जिले के एक बड़े क्षेत्र में पोषाहार की आपूर्ति कर रहा है।
