BEO मनोज कुमार दुबे को हटाने की मांग पर सड़क पर उतरे शिक्षक, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

डेस्क । छिंदगढ़ में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मनोज कुमार दुबे के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच चुका है। BEO को पद से हटाने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा विरोध अब दफ्तरों से निकलकर छिंदगढ़ की सड़कों पर आ गया है। शिक्षक संघ के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है।

​पंचायत भवन से तहसील कार्यालय तक निकाली गई विशाल रैली

विरोध प्रदर्शन के तहत शिक्षक संघ द्वारा छिंदगढ़ पंचायत भवन से एक विशाल विरोध रैली निकाली गई। नारेबाजी करते हुए यह रैली तहसील कार्यालय पहुंची, जहां शिक्षकों ने BEO मनोज कुमार दुबे की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों का कहना है कि उनकी समस्याओं और BEO के कथित रवैये को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।

​6 दिन पहले सौंपा गया था ज्ञापन

​उल्लेखनीय है कि शिक्षक संघ ने छः दिन पहले भी तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था। उस समय प्रशासन को BEO को हटाने के लिए समय सीमा दी गई थी। लेकिन तय समय में ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज शिक्षकों को अंततः उग्र प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ा।

​स्कूल सफाई कर्मचारियों का भी मिला भरपूर समर्थन

​शिक्षकों के इस आंदोलन को अब अन्य वर्गों का भी साथ मिलने लगा है। स्कूल सफाई कर्मचारियों ने शिक्षकों की इस जायज मांग का खुलकर समर्थन किया है और रैली व प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सफाई कर्मचारियों के जुड़ने से आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है।

​अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी

​शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है:

​“यदि BEO मनोज कुमार दुबे को शीघ्र छिंदगढ़ से नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में सभी शिक्षक सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।”

​शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे शालाओं का बहिष्कार करने से भी पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

​संभावित प्रभाव

यदि यह मामला जल्द नहीं सुलझा और शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हैं, तो छिंदगढ़ विकासखंड के शासकीय स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो सकती है, जिससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।

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