विष्णुदेव साय सरकार के ढाई साल पूरे…जानिए ढाई में सरकार ने किये हैं कौन कौन से काम…

डेस्क । छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। दिसंबर 2023 में ‘मोदी की गारंटी’ के संकल्प के साथ सत्ता में आई साय सरकार ने इन 30 महीनों में कृषि, महिला सशक्तिकरण, नक्सल उन्मूलन, आदिवासी कल्याण, आवास और सुशासन के क्षेत्रों में कई बड़े निर्णय लिए हैं।

​1. कृषि एवं किसान कल्याण: वादों की पूर्ति और आर्थिक संबल

​छत्तीसगढ़ के ‘धान का कटोरा’ स्वरूप को पुनर्जीवित करते हुए सरकार ने किसानों से जुड़े अपने प्रमुख वादों को प्राथमिकता पर पूरा किया है:

  • ​₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद: सरकार ने वादे के मुताबिक ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत धान के समर्थन मूल्य और तय दर के बीच अंतर की राशि को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया।
  • ​2 साल का बकाया बोनस: सुशासन दिवस (25 दिसंबर 2023) के अवसर पर पूर्व सरकार के समय का रुका हुआ 2 वर्षों का बकाया धान बोनस (₹3,716 करोड़) राज्य के लगभग 13 लाख किसानों के खातों में एकमुश्त जारी किया गया।
  • ​कृषि बिजली सब्सिडी: 5 एचपी तक के कृषि पंपों के उपयोग पर किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।

​2. महिला सशक्तिकरण एवं नारी शक्ति

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और बालिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं:

योजना / निर्णय

मुख्य प्रावधान एवं लाभ

महतारी वंदन योजना

राज्य की 70 लाख से अधिक पात्र विवाहित महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता।

रानी दुर्गावती योजना

बालिका के जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु पूरी करने तक कुल ₹1.50 लाख की वित्तीय सहायता (शिक्षा व भविष्य हेतु)।

संपत्ति रजिस्ट्री में छूट

महिलाओं के नाम पर भूमि, मकान या अचल संपत्ति क्रय करने पर पंजीयन शुल्क (Stamp Duty) में 50% की विशेष छूट।

3. नक्सल उन्मूलन, सुरक्षा और ‘नियत नेल्लानाार’

​बस्तर में शांति बहाली और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए साय सरकार ने सख्त सुरक्षा नीति के साथ विकास का समन्वय बनाया है:

  • ​निर्णायक नक्सल विरोधी अभियान: “बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से” की नीति के तहत सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई। बस्तर में कई सफल मुठभेड़ों में शीर्ष नक्सली कैडर को ढेर किया गया तथा पुनर्वास नीति के तहत रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
  • ​‘नियत नेल्लानाार’ (आपका अच्छा गांव) योजना: नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों में स्थापित सुरक्षा कैंपों के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, राशन दुकान, स्कूल और अस्पताल जैसी सभी सरकारी सुविधाएं पहुँचाने की अभिनव पहल शुरू की गई।
  • ​तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत: तेंदूपत्ता संग्रहण दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई, जिससे राज्य के 12.5 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिला।
  • ​पीएम जनमन (PM JANMAN) योजना: बस्तर और अन्य वनांचल क्षेत्रों की विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के चौमुखी विकास हेतु ₹720 करोड़ का विशेष बजटीय प्रावधान लागू किया गया।

​4. आवास, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक नीति

  • ​18 लाख गरीबों को पीएम आवास: साय कैबिनेट की पहली ही बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक बेघर व कच्चे मकान वाले गरीब परिवारों के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) को स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू किया गया।
  • ​छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30: राज्य में निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और गैर-खनन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई। इसके तहत नए औद्योगिक पार्कों और लैंड बैंक का विकास किया जा रहा है।
  • ​सड़क एवं शहरी अधोसंरचना: ‘मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना’ और ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के माध्यम से बड़े शहरों से लेकर नगर पंचायतों तक 2/4 लेन सड़कों और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

​5. स्वास्थ्य, शिक्षा और युवा कल्याण

  • ​निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा: शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के तहत पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के लिए ₹5 लाख से ₹25 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • ​शिक्षा व तकनीकी विस्तार: स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के तहत सरकारी स्कूलों का सुदृढ़ीकरण, ‘मुख्यमंत्री AI मिशन’ की शुरुआत और कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ तथा दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन शुरू किया गया।

​6. सुशासन, पारदर्शिता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान

  • ​भ्रष्टाचार पर नकेल: राज्य लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं और पूर्व की गड़बड़ियों (जैसे कोयला, शराब घोटाला और महादेव ऐप मामले) की निष्पक्ष और सीबीआई (CBI) जांच कराकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
  • ​श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना: राज्य के श्रद्धालुओं को सरकारी खर्च पर अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन कराने हेतु विशेष ट्रेनें और यात्रा योजना संचालित की जा रही है।
  • ​धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन: ‘मुख्यमंत्री आस्था पथ योजना’ के तहत राज्य के 5 प्रमुख शक्तिपीठों (कुदरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर, डोंगरगढ़ और दंतेवाड़ा) के दर्शन और एकीकृत पर्यटन विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।

विष्णुदेव साय सरकार के ये ढाई साल ‘संकल्प से सिद्धि’ के पथ पर बढ़ते छत्तीसगढ़ की झलक पेश करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर केंद्रित यह कार्यकाल राज्य में ढांचागत विकास, नक्सलवाद पर नियंत्रण और आम नागरिक के जीवन स्तर में सुधार के लिए जाना जा रहा है।

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