स्टील प्लांट के कर्मचारी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, जानिए वजह

डेस्क । स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस विभाग में पदस्थ 41 वर्षीय कर्मचारी डे कुमार दास ने कोहका स्थित अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की खबर मिलते ही सेल (SAIL) बीएसपी प्रबंधन और सहकर्मियों में हड़कंप मच गया।

शुरुआती दौर में विभागीय कारणों से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच और साथियों से मिली जानकारी के मुताबिक कदम उठाने की मुख्य वजह पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव सामने आई है।

​पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति

​डे कुमार दास वर्ष 2015 में भिलाई स्टील प्लांट में शामिल हुए थे। उनके पिता के मेडिकल अनफिट घोषित होने के बाद उन्हें आश्रित के रूप में बीएसपी में नौकरी मिली थी। वे वर्तमान में ब्लास्ट फर्नेस में जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएशन (ऑपरेशन) पद पर कार्यरत थे।

​प्लांट के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका स्थायी पता दुर्ग बस स्टैंड के पास स्थित रेस्ट हाउस कैंपस दर्ज है, लेकिन वे अपनी मां भेल बाई साहू के साथ कोहका स्थित मकान में रह रहे थे।

​पारिवारिक अनबन से थे परेशान

​मिली जानकारी के अनुसार, डे कुमार का पारिवारिक जीवन पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा था। उनकी पत्नी पल्लवी साहू और 7 वर्षीय बेटी गौरांगी उनसे अलग रह रही थीं। घर में चल रही इसी उथल-पुथल की वजह से वे काफी परेशान और मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे।

​सुबह कमरे में मिला शव

​घटना वाली रात डे कुमार खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह काफी देर तक जब वे बाहर नहीं निकले, तो उनकी मां उन्हें देखने कमरे में गईं। कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—डे कुमार का शव नीचे पड़ा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि फांसी लगाने के बाद वजन अधिक होने की वजह से फंदा टूट गया या लाश नीचे गिर गई।

​घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

​साथियों में शोक, व्यवहार से थे मिलनसार

​ब्लास्ट फर्नेस के अधिकारियों और सहकर्मियों ने डे कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सहयोगियों का कहना है कि वे बेहद मिलनसार व्यक्ति थे, हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे और अपने काम को पूरी ईमानदारी से अंजाम देते थे।

​उनकी तीन बहनें हैं—दो दुर्ग-भिलाई में और एक रायपुर में रहती हैं। सहयोगियों के अनुसार, वे अपने पारिवारिक तनाव को किसी से साझा नहीं करते थे और अंदर ही अंदर घुट रहे थे।

​कमाऊ सदस्य के इस तरह चले जाने से पूरे परिवार पर अब गहरा आर्थिक और मानसिक संकट मंडराने लगा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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