डेस्क । जिले के प्रसिद्ध वाटरफॉल में बड़ा हादसा टल गया। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और पानी के तेज बहाव के कारण 7 पर्यटक बीच धारा में फँस गए। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुँची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी 7 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल
सभी पर्यटकों को सकुशल बचा लिए जाने के बाद दनगरी वाटरफॉल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं:
- सुरक्षा में चूक: मानसून के दौरान नदियों और वाटरफॉल में पानी का बहाव बेहद तेज और खतरनाक होता है। इसके बावजूद पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वहाँ पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे?
- चेतावनी और निगरानी का अभाव: अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति से पर्यटकों को सचेत करने के लिए कोई पूर्व चेतावनी प्रणाली या गश्त दल मौजूद नहीं था।
निष्कर्ष
इस घटना ने बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। प्रशासन को ऐसे संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा बल तैनात करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और बहाव वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के जाने पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
