दोहरे हत्याकांड के 3 दोषियों को फांसी और 1 को उम्रकैद

डेस्क । चर्चित और दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड मामले में जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और नृशंसता को देखते हुए चार दोषियों में से तीन को फांसी (मृत्युदंड) तथा एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश की अदालत द्वारा दिया गया।

सूरजपुर जिला न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

​इन्हें मिली फांसी और उम्रकैद की सजा

अदालत के फैसले के अनुसार:

  • ​कुलदीप साहू (आदतन बदमाश), रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी (पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष) को दोहरे हत्याकांड का मुख्य दोषी मानते हुए फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई गई है।
  • ​चौथे आरोपी आर्यन उर्फ गोल्डी को इस जघन्य अपराध में संलिप्तता के लिए आजीवन कारावास से दंडित किया गया है।

​प्रधान आरक्षक की पत्नी और मासूम बेटी की हुई थी बर्बर हत्या

यह खौफनाक वारदात 13 अक्टूबर 2024 की रात घटी थी। सूरजपुर कोतवाली थाने में पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक के घर में घुसकर आदतन बदमाश कुलदीप साहू, सीके चौधरी और उनके अन्य साथियों ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की बेहद बर्बरतापूर्वक नृशंस हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई थी।

​छह आरोपी थे नामजद, दो पहले हो चुके हैं बरी

इस हत्याकांड में कुल छह आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर सुनवाई की जा रही थी। मामले की प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को पूर्व में ही अदालत द्वारा बरी कर दिया गया था। शेष चार आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई जारी थी, जिस पर न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने फैसला सुनाते हुए पीड़ितों को न्याय प्रदान किया।

अदालत के इस कड़े रुख और सख्त फैसले की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

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