छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: 30 जिलों में ऑरेंज 3 में यलो अलर्ट, अगले 3 दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से हो रही लगातार तेज बारिश के बाद मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी (पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तट के पास) में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।

​अधिकांश जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

​प्रदेश में सुरक्षा और राहत-बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के व्यापक हिस्से में चेतावनी जारी की है:

  • ​ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश व वज्रपात): रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM), बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत 30 जिलों में अति भारी बारिश और गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
  • ​येलो अलर्ट (भारी बारिश): सुकमा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर के कुछ इलाकों में माध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

​अगले दो दिन बेहद संवेदनशील

​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की तीव्र संभावना बनी हुई है। बारिश के इस लंबे स्पेल से नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो सकती है।

​प्रशासन सतर्क, नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

​मौसम के कड़े तेवरों को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. ​बिजली चमकने के दौरान खुले में न रहें: भारी बारिश या गर्जन के समय लोहे के खंभों, पेड़ के नीचे या खुले मैदानों में रुकने से बचें।
  2. ​जलभराव वाले रास्तों से बचें: उफान मारते नालों और रपटों को पार करने की कोशिश न करें।
  3. ​आपातकालीन स्थिति में संपर्क करें: किसी भी अप्रिय स्थिति या जलभराव की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को दें।
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