जगदलपुर । बस्तर जिले के सुदूर गांवों और समुदायों के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘युवोदय 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत आयोजित विशेष कार्यशाला में जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों के बीच एक सार्थक और प्रेरणादायी संवाद हुआ।
प्रशासनिक नेतृत्व और युवाओं का संवाद
कार्यशाला में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने युवाओं से सीधे रूबरू होकर उनके अनुभव, जमीनी चुनौतियां और भविष्य की आकांक्षाएं जानीं।
- कलेक्टर का संदेश: कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, स्थानीय परिस्थितियों की समझ और समुदाय से आत्मीय जुड़ाव ही बस्तर के गांवों में सकारात्मक व टिकाऊ बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत है।
- अनुभव साझाकरण: जिला पंचायत सीईओ और सहायक कलेक्टर ने स्वयंसेवा के अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया।
युवोदय 2.0: नई भूमिका और सोच
यूनिसेफ के सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने बताया कि सितंबर 2020 में शुरू हुए ‘युवोदय’ का दायरा अब 2.0 में और अधिक सशक्त हो गया है:
- सक्रिय भागीदारी: स्वयंसेवक केवल जागरूकता अभियानों या भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहेंगे।
- समस्या समाधान: युवा अपने गांव की वास्तविक समस्याओं की पहचान करेंगे और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ समाधान गढ़ेंगे।
- मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा: कार्यशाला में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण पर भी खुला विमर्श हुआ।
सहयोग और समन्वय
इस मुहिम में यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय मजबूत बना रहे। युवाओं का उत्साह, सामुदायिक भागीदारी और प्रशासनिक सहयोग बस्तर के विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा दे रहा है।

