जगदलपुर । शहर के प्रतिष्ठित होटलों और रेस्टोरेंटों में अपने परिवार के साथ खाने की थाली का आनंद लेने वाले आम नागरिकों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ उजागर हुआ है। जगदलपुर के नामचीन प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले और बाजार में बिकने वाले पनीर के सैंपल लैब जांच में घटिया और सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार प्रमुख संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


इन प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों के सैंपल हुए फेल
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए गए जांच अभियान के तहत शहर के प्रसिद्ध होटलों और पैक्ड उत्पादों के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला (लैब) भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आते ही खाद्य विभाग में हड़कंप मच गया:
- होटल लक्ष्मण एवेन्यू: यहां से लिया गया पनीर का सैंपल ‘असुरक्षित’ (Unsafe) पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस पनीर का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए सीधे तौर पर खतरनाक है।
- न्यू महावीर थाली व मितहरा रेस्टोरेंट: इन दोनों नामचीन संस्थानों में परोसा जाने वाला खुला (लूज) पनीर जांच में ‘अवमानक’ (Substandard) पाया गया। यह निर्धारित खाद्य मानकों पर पूरी तरह से फेल साबित हुआ है।
- गंगा गोल्ड पैक्ड पनीर: बाजार में बिकने वाला तमिलनाडु की गंगा गोल्ड कंपनी का पैक्ड पनीर भी मानकों पर खरा नहीं उतरा और जांच में इंसानों के खाने लायक नहीं पाया गया।
क्या कहना है अधिकारियों का?
मामले की जानकारी देते हुए जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पूनम कांडे ने बताया कि प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सभी संबंधित चारों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा गोल्ड कंपनी का पनीर पैकेटबंद था, जबकि अन्य तीन प्रतिष्ठानों से खुले पनीर के नमूने लिए गए थे। विभाग द्वारा कारोबारियों से जवाब मांगा गया है। जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता की सेहत से सीधा खिलवाड़
शहरवासी जिन होटलों में गुणवत्ता और स्वच्छता की उम्मीद लेकर 300 रुपये तक की थाली खरीदते हैं, वहां इस तरह का मिलावटी और सेहत के लिए नुकसानदेह खाना परोसा जाना गंभीर चिंता का विषय है। जानकारों के मुताबिक, इस तरह का असुरक्षित और अवमानक पनीर खाने से पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियां, फूड पॉइजनिंग और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से शहर के अन्य मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है, वहीं नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संस्थानों पर सिर्फ नोटिस तक सीमित न रहकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई और सीलिंग की कार्रवाई की जाए।