जगदलपुर । मुख्य वन संरक्षक कार्यालय परिसर में ‘राष्ट्रीय वन शहीद दिवस’ पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर वन, वन्यजीवों और राष्ट्रीय संपदा की रक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बस्तर संभाग के वीर वन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

समारोह के मुख्य आकर्षण एवं सम्मान
- पुष्पांजलि अर्पण: जगदलपुर वन वृत्त की मुख्य वन संरक्षक सुश्री स्टाइलो मंडावी ने अमर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- शहीद परिवार का सम्मान: सुकमा वनमंडल में कर्तव्य पथ पर वीरगति पाने वाले शहीद वनपाल स्व. श्री हरिबंधु की धर्मपत्नी श्रीमती सुखाय बाई को मुख्य वन संरक्षक द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
नक्सल हिंसा में कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी
- शहीद वनपाल स्व. श्री हरिबंधु एवं शहीद वनरक्षक स्व. श्री रामेश्वर पाण्डेय: 31 जनवरी 1993 को किरन्दुल-पालनार मार्ग पर नक्सलियों के हमले का अदम्य साहस से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
- शहीद वनरक्षक स्व. श्री जगदीशचंद्र मरकाम: 27 सितंबर 2010 को सुकमा वनमंडल में शासकीय कार्य के दौरान नक्सलियों द्वारा अपहरण के पश्चात निर्मम हत्या के शिकार हुए।
- शहीद वनपाल स्व. श्री व्ही. पी. शास्त्री एवं शहीद वनपाल स्व. श्री अंगनपल्ली पाण्डू: लोकसभा निर्वाचन 2014 के दौरान 12 अप्रैल 2014 को बीजापुर के ग्राम केतुलनार में बस पर हुए आईईडी विस्फोट में देश सेवा करते हुए शहीद हुए।
- शहीद वनक्षेत्रपाल (रेंजर) स्व. श्री रथराम पटेल: इंद्रावती टाइगर रिजर्व (बीजापुर) के भैरमगढ़ अभयारण्य अंतर्गत ग्राम कोम्पल्ली परिसर में 11 सितंबर 2020 को नक्सली हमले में अपने शौर्य का परिचय देते हुए शहीद हुए।
संरक्षण का दृढ़ संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। उपस्थित सभी कर्मियों ने शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलने, तथा वनों, वन्यजीवों व प्रकृति के संरक्षण के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं सजगता से कार्य करने का संकल्प लिया।