डेस्क । साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच बस्तर पुलिस ने एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। झारखंड के कुख्यात जामताड़ा साइबर ठग गिरोह से जुड़े दो सदस्यों को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक रिटायर्ड शिक्षक को अपना शिकार बनाया था और ₹5,90,000 की ठगी की थी।

ठगी का तरीका: पेंशन कार्ड के नाम पर दिया झांसा
मामले की शुरुआत तब हुई जब आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए एक सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा दिया। इस जालसाजी में एक रिटायर्ड शिक्षक फंस गए और आरोपियों ने उनसे अलग-अलग तरीकों से कुल 5 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए।
परेशान होकर पीड़ित शिक्षक ने इसकी शिकायत परपा थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद बस्तर पुलिस और साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की गहन जांच शुरू की।
ऐसे खुला राज और चली लंबी तलाश
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया कि ठगी की रकम हरियाणा के एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। आरोपी इस राशि का उपयोग ऑनलाइन माध्यम से कर रहे थे।
इसके बाद जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस को सुराग मिला कि आरोपियों ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एटीएम कार्ड के जरिए भी पैसे निकाले हैं। इसके आधार पर बस्तर पुलिस की एक विशेष टीम को कोलकाता रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने बेहद सावधानी और मेहनत से काम करते हुए:
- दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले,
- 200 से अधिक होटलों में संदिग्धों की तलाश की,
- तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय सूचना के आधार पर आखिरकार आरोपियों की पहचान कर ली।
आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान जब्त
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जामताड़ा (झारखंड) के रहने वाले दो मुख्य आरोपियों—शाहबाज़ अंसारी और जियाउल हक—को कोलकाता से धर दबोचा।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- 82 नग एटीएम कार्ड
- 6 नग मोबाइल फोन
- 25,000 रुपए नगद
- ठगी के पैसों से ऑनलाइन खरीदे गए विभिन्न सामान
साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि साइबर ठग कितने शातिर तरीके से सोशल मीडिया और फर्जी प्रलोभनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बस्तर पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई ने एक बार फिर अपराधियों के मन में खौफ पैदा किया है। पुलिस प्रशासन लगातार आम जनता से अपील कर रहा है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे लुभावने ऑफर्स, पेंशन या सरकारी योजनाओं के फर्जी संदेशों से सतर्क रहें और अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।