जगदलपुर: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण बस्तर क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ और उसके बाद प्रशासन द्वारा घोषित राहत राशि के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय किसानों और ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर जगदलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों और ग्रामीणों ने सरकार द्वारा दी जा रही मुआवजा राशि को नाकाफी बताते हुए जमकर नाराजगी जताई।

प्रमुख मांगें और ज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी और किसानों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- मकानों की आंशिक क्षति पर मुआवजा: बाढ़ से प्रभावित मकानों को हुई आंशिक क्षति के एवज में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए।
- फसल नुकसान का मुआवजा: बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ 65 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए।
- किसान कर्ज माफी: संकट में घिरे किसानों को राहत देने के लिए उनका संपूर्ण कृषि ऋण माफ किया जाए।
चेतावनी और आगामी रणनीति
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की स्थानीय इकाई और किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा आगामी 10 दिनों के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जगदलपुर में बड़े स्तर पर ट्रैक्टर प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, और अब सबकी नजरें जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।