डेस्क । अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित जेएनएम कॉलेज, जगदलपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक प्रेरणादायक और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने समाज में बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और उनके अधिकारों का बेहद खूबसूरती से संदेश दिया।

रंगों के जरिए गूंजा ‘हर बेटी को जीवन, समानता का उत्सव’ का संदेश
कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलाकृतियों के जरिए समाज में बेटियों की समान सहभागिता को रेखांकित किया। प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई रंगोलियों में रूढ़िवादी सोच को दरकिनार कर समाज में एक समानता का वातावरण तैयार करने की सशक्त पहल दिखाई दी। इस दौरान पूरा परिसर “छत्तीसगढ़ का प्रण, हर बेटी को जीवन—बेटियों का जन्म उत्सव, समानता का उत्सव” के नारों और संकल्पों से गूंज उठा।
पीसीपीएनडीटी अधिनियम और जन-जागरूकता पर जोर
अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के अंतर्गत प्रभावी जन-जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व लिंग चयन व निर्धारण की रोकथाम को लेकर जागरूक किया। साथ ही, समाज के हर वर्ग से अपील की गई कि वे बेटियों के जन्म को एक उत्सव के रूप में स्वीकार करें और लिंग आधारित भेदभाव को जड़ से समाप्त करें।

अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रेरणास्पद आयोजन में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक
- जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री
- जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी
- नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट) एवं पीसीपीएनडीटी शाखा से संबंधित अन्य अधिकारी
अधिकारियों ने विद्यार्थियों की इस सृजनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मूल उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बेटियों के संरक्षण, उनकी गरिमा और उज्ज्वल भविष्य के प्रति जन-जन में संवेदनशीलता का संचार करना भी है। उत्साह और संकल्प के वातावरण में संपन्न हुआ यह आयोजन समाज को बेटियों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का एक मजबूत संदेश दे गया।
