रायपुर: राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर आज एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदेश में लगातार बढ़ रही दुष्कर्म, महिला उत्पीड़न और बच्चियों के साथ अत्याचार की घटनाओं के विरोध में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरीं।
यह मार्च महिला थाना चौक से शुरू होकर मोतीबाग प्रेस क्लब तक निकाला गया, जिसमें महिलाओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख बिंदु एवं प्रदर्शन की मुख्य बातें:
- सुरक्षा और सम्मान की गुहार: प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और विभिन्न महिला संगठनों ने एक स्वर में कहा कि राज्य में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
- बैनर और नारों से गूंजा मार्ग: हाथों में तख्तियां और बैनर लिए महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग के नारे लगाए।
- 15 सूत्रीय मांग पत्र: प्रदर्शन के अंत में महिलाओं ने एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगें:
- त्वरित न्याय (Fast Track): महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हुए अपराधों के मामलों में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा का प्रावधान।
- कानून व्यवस्था की सख्ती: राज्य भर में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना।
- पीड़ितों का पुनर्वास: अपराध पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को समय पर मुआवजा, मुफ्त कानूनी सहायता और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग की सुविधा।
- सख्त निगरानी: सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और कार्यस्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बड़े शक्ति प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद शासन और प्रशासन इन 15 सूत्रीय मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है।
