डेस्क । वर्तमान डिजिटल युग में पढ़ाई के निरंतर दबाव, सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव, घटते धैर्य और आक्रामक प्रवृत्ति के कारण युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव को दूर करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अधीन संचालित कृषि महाविद्यालय जगदलपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम एवं ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह पहल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्तर के निर्देश तथा महाविद्यालय के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. ए. के. ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

जुम्बा, योग और रचनात्मकता से सजी कार्यशाला
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य को समर्पित एक ऊर्जावान जुम्बा सत्र और ‘पतंजलि योग एवं प्राणायाम’ के अभ्यासों के साथ हुई, ताकि युवाओं को मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का महत्व समझाया जा सके।
इसके बाद विश्व स्वास्थ्य WHO की वर्ष 2026 की थीम “जिए हुए अनुभवों को सुना जाए: सच्ची आवाजें, सच्चा बदलाव” पर आधारित एक विशेष ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने तूलिका के माध्यम से कैनवास पर निम्नलिखित विषयों को बेहद खूबसूरती से उकेरा:
- ’मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है’
- ’इट्स ओके टू बी नॉट ओके’
- ’स्वीकार्यता, सहानुभूति और मानसिक स्वास्थ्य’
- ’डिजिटल लाइफ बनाम मेंटल लाइफ’
संवाद और खुले विचारों का दौर
सत्र के दौरान विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर चर्चा हुई:
- छात्र रघुवीर ने कहा कि आज यह समझने की जरूरत है कि हम मोबाइल चला रहे हैं या मोबाइल हमें चला रहा है।
- छात्रा सारिका नेताम ने संतुलित आहार, हॉबी और सच्चे दोस्तों को मानसिक संबल का मुख्य आधार बताया।
- एनएसएस स्वयंसेवक जयंत मंडावी ने अपनी कला के जरिए विपरीत परिस्थितियों में महिलाओं के मजबूत मानसिक संतुलन को दर्शाया।
- छात्रा पायल ने मानसिक समस्याओं की पहचान और उन्हें स्वीकार करने पर जोर दिया, जबकि छात्रा इकाई प्रमुख हेमलता टंडन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से अध्ययन की गुणवत्ता सुधरती है।
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को जीवन के अनमोल सूत्र दिए। डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. खुशबू टण्डन, श्री एम.बी. तिवारी, डॉ. चेतना, डॉ. महेश एस. शिरसात और श्री संदीप जोशी ने तनावमुक्ति, भावनाओं को साझा करने और वर्तमान में जीने की प्रेरणा दी।
गरिमामयी उपस्थिति और सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में समन्वयक डॉ. आर.आर. कंवर, सह-समन्वयक डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. खुशबू टण्डन, डॉ. महेश एस. शिरसात, सदस्य सचिव श्री एम.बी. तिवारी तथा निर्णायक मंडल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही जयंत, दीप साहा, गुन्जा, भूमिका, कुणाल और हिमांशु जैसे विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग से यह जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।