डेस्क: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की फसलें खेतों में पककर तैयार हैं और सामने दीपावली का त्योहार है, लेकिन सरकार की तरफ से धान खरीदी को लेकर कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आ रही है।
”किसानों को फिर से परेशान करने की तैयारी”
दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हर बार की तरह इस बार भी सरकार किसानों को जानबूझकर परेशान करना चाहती है। उन्होंने आशंका जताई कि राज्य सरकार इस बार भी किसानों का पूरा धान नहीं खरीदेगी, जिससे अन्नदाताओं को औने-पौने दामों में बिचौलियों के हाथों फसल बेचने मजबूर होना पड़ेगा।

बोनस और समर्थन मूल्य को लेकर सरकार को घेरा
केंद्र सरकार द्वारा धान के समर्थन मूल्य में 258 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद, राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि:
- 3100 रुपये का वादा: कांग्रेस ने चुनाव के दौरान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया था।
- बढ़ी हुई राशि जोड़ने की मांग: केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में 258 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद, राज्य सरकार को अपने वादे के मुताबिक यह राशि जोड़कर किसानों को भुगतान करना चाहिए।
- 3358 रुपये मिले भाव: दीपक बैज की मांग है कि केंद्र के समर्थन मूल्य और राज्य के वादे को आपस में जोड़ते हुए किसानों को इस बार 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत मिलनी चाहिए।
त्योहार के समय किसानों की बढ़ी चिंताएं
एक तरफ जहां राज्य के किसान अपनी फसल की कटाई में जुटे हैं और दीपावली जैसे बड़े पर्व की तैयारियों में लगे हैं, वहीं समय पर धान खरीदी शुरू न होने और समर्थन मूल्य को लेकर असमंजस की स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पीसीसी चीफ के इस आक्रामक तेवर के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में धान खरीदी का मुद्दा सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बनने वाला है।
