रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री एक अधिकारी से उग्र बातचीत करते नजर आ रहे हैं और उन पर प्रशासनिक अधिकारी के प्रति अभद्र भाषा (गाली-गलौज) का प्रयोग करने का आरोप लगा है।
क्या है वायरल वीडियो में?
सामने आए वीडियो में अजय चंद्राकर अपने क्षेत्र की किसी समस्या को लेकर अधिकारी को आड़े हाथों लेते दिख रहे हैं। बातचीत के दौरान उनका गुस्सा भड़क उठता है और वे कहते नजर आ रहे हैं:
“आपका EE कहता है कि ग्रामीण नेतागिरी कर रहे हैं…”
वीडियो में पूर्व मंत्री लोक निर्माण विभाग (PWD) या जल संसाधन विभाग के किसी प्रोजेक्ट और उससे संबंधित कार्यपालन अभियंता (EE) के रवैये से बेहद नाराज दिख रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी ग्रामीणों की वाजिब समस्याओं को सुनने के बजाय उनके अधिकारों और शिकायतों को ‘नेतागिरी’ करार देकर खारिज कर रहे हैं।
सियासत हुई तेज
वीडियो वायरल होने के बाद से ही छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है:
- विपक्ष का हमला: विपक्षी दलों ने इस वीडियो को मुद्दा बनाते हुए पूर्व मंत्री और सत्तारूढ़ दल को घेरा है। विपक्ष का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते मर्यादित भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। अधिकारियों को इस तरह डराना और अभद्र शब्दों का प्रयोग करना प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करता है।
- समर्थकों का तर्क: वहीं, अजय चंद्राकर के समर्थकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जनता के मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधि का स्वाभाविक आक्रोश है। जब अधिकारी बार-बार ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा करते हैं और उन्हें ‘नेतागिरी’ कहते हैं, तो ऐसे में जनप्रतिनिधि का गुस्सा होना स्वाभाविक है।
फिलहाल, इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासनिक हल्कों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। मामले को लेकर अजय चंद्राकर या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
