डेस्क । छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।


मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 106 हेक्टेयर भूमि मुक्त: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी कोर रेंज से 106 हेक्टेयर अतिक्रमित वनभूमि को मुक्त कराया गया।
- चार वर्षों का अभियान: बीते चार वर्षों में इस व्यापक अभियान के तहत 1,000 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि अतिक्रमण से कराई जा चुकी है मुक्त।
- महिला वनबल का नेतृत्व: धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और USTR प्रभाग की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर कमान संभाली।
- आधुनिक तकनीक का प्रयोग: वैज्ञानिक सीमांकन के लिए ISRO की सैटेलाइट इमेजरी और DGPS-enabled ड्रोन मैपिंग का सहारा लिया गया।
- कानूनी कार्रवाई: कुल 166 आरोपियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 40 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अभियान से जुड़ी प्रमुख जानकारियाँ
1. आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मैपिंग
अतिक्रमण के सटीक क्षेत्रफल और विस्तार का आंकलन करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया:
- वर्ष 2011-13 के दौरान इस क्षेत्र में लगभग 45 हेक्टेयर अतिक्रमण दर्ज था, जो बढ़कर 106 हेक्टेयर तक पहुँच गया था।
- अलग-अलग वर्षों की ISRO सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से वन क्षेत्र में आए बदलावों का अध्ययन किया गया।
- DGPS ड्रोन सर्वे के जरिए अतिक्रमित क्षेत्र का सटीक सीमांकन और दस्तावेजीकरण किया गया।
2. पारिस्थितिक पुनर्स्थापन (Ecological Restoration)
केवल भूमि खाली कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- कंटूर ट्रेंच (Contour Trench) का निर्माण।
- वर्षाजल संचयन, मृदा-नमी संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के कार्य।
- खाली कराई गई भूमि पर लगभग 1,500 पौधों का रोपण।
3. पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा का महत्व
- हाथी कॉरिडोर व महानदी क्षेत्र: यह मुक्त कराया गया क्षेत्र हाथी कॉरिडोर का हिस्सा है और महानदी के उद्गम स्थल के समीप स्थित है।
- संघर्ष में कमी: वन आवास के संरक्षण से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
4. महिला वनबल एवं जनसहयोग
- संवेदनशील और दुर्गम परिस्थितियों में महिला वन अधिकारियों ने जिला प्रशासन व पुलिस बल के साथ उत्कृष्ट समन्वय स्थापित किया।
- इस कार्रवाई में घुरावाड़, बरबंधा और भुरसीडोंगरी के स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग का सहयोग किया।


