डेस्क । लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल भवन की छत शुक्रवार देर रात अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घटना रात के समय हुई, जब स्कूल में कोई भी विद्यार्थी या शिक्षक मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।




शनिवार सुबह जब शिक्षक स्कूल पहुँचे, तब उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद सुरक्षा के लिहाज से स्कूल भवन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसी भी संभावित दुर्घटना या शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति काट दी गई है।
अधिकारियों को पहले ही दी गई थी चेतावनी
स्थानीय सूत्रों और स्कूल स्टाफ के अनुसार, भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पूर्व में ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था और मरम्मत की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में देखने को मिला।
सुरक्षा और व्यवस्था पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल
इस घटना ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे के रखरखाव पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- भविष्य में सुरक्षा की गारंटी क्या? यदि यह हादसा स्कूल समय के दौरान होता, तो कई मासूमों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
- प्रशासनिक लापरवाही: शिकायत मिलने के बाद भी जर्जर भवन की सुध क्यों नहीं ली गई?
- पढ़ाई पर असर: भवन के बंद होने से अब विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का संकट मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उन्होंने माँग की है कि जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।