जगदलपुर । बस्तर संभाग की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। बस्तर के एकमात्र मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (डिमरापाल) में 50 बिस्तरों वाले नए सर्वसुविधायुक्त ट्रामा सेंटर का औपचारिक उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा किया गया।
ट्रामा सेंटर की प्रमुख विशेषताएं एवं सुविधाएं
50 बिस्तरों की क्षमता: आपातकालीन स्थिति और गंभीर मरीजों के लिए 50 बेड आरक्षित किए गए हैं।
दो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर: तत्काल शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की सुविधा के लिए दो अलग-अलग ओटी बनाए गए हैं।
त्वरित आपातकालीन उपचार: दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को तुरंत सर्जरी और आवश्यक इमरजेंसी मेडिकल केयर एक ही छत के नीचे मिलेगी।
समर्पित (Dedicated) परिसर: एक अलग और सेपरेट सेंटर होने के कारण अब दुर्घटना में घायल सभी मरीजों को सीधे यहीं लाकर तत्काल इलाज दिया जा सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में राहत
मेडिकल कॉलेज के नजदीक नेशनल हाईवे पर अक्सर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए इस सेंटर का महत्व और बढ़ जाता है। पृथक ट्रामा सेंटर बनने से अब हाईवे पर होने वाले हादसों के पीड़ितों को बिना समय गंवाए क्रिटिकल केयर मिल सकेगी।
आज बस्तर क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री लगातार बस्तर में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के लिए राशि जारी कर रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता है और जहां कमी है, वहां भर्ती जारी है। डॉक्टरों की कमी से किसी मरीज का इलाज प्रभावित नहीं हो रहा।

श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
बस्तर में इसकी लंबे समय से मांग थी। अस्पताल के पास नेशनल हाईवे होने के कारण कई दुर्घटनाएं होती हैं। सेपरेट और डेडिकेटेड ट्रामा सेंटर होने से अब सभी दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का एक ही जगह पर बेहतर और त्वरित इलाज संभव हो सकेगा।
डॉ. प्रदीप बेक, डीन (मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल)

