बस्तर । छत्तीसगढ़ में सत्ता वापसी के संकल्प के साथ कांग्रेस ने बस्तर संभाग से अपने संगठन की जड़ों को सींचना शुरू कर दिया है। बस्तर को राजनीति का मुख्य केंद्र बनाते हुए पार्टी अब मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और संगठन को धार देने में जुट गई है। इसी कड़ी में संभाग स्तरीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आगमन जारी है।


22 मास्टर ट्रेनर देंगे 58 ब्लॉक अध्यक्षों को सीख
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर की कमान 22 अनुभवी ‘मास्टर ट्रेनर’ के हाथों में होगी, जो बस्तर संभाग के सभी 58 ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार और चुनावी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे। यह पहला मौका है जब कांग्रेस ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के लिए इस तरह का वृहद और कैडर-आधारित ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर रही है।
राजनीतिक मायने और मुख्य बिंदु
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने बस्तर में ही कांग्रेस नेताओं में नया उत्साह भरा था, जिसके बाद प्रदेश में पार्टी ने ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। पार्टी का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिविर भी संगठन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित एजेंडों पर गहन मंथन किया जाएगा:
- ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का सिद्धांत: संगठन में पारदर्शिता और नए चेहरों को अवसर देने पर बल।
- महिला सशक्तिकरण: पार्टी व संगठन स्तर पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की रूपरेखा।
- जमीनी एकजुटता: आपसी समन्वय बनाकर कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाना।
- 2028 की रणनीति: अभी से बूथ और ब्लॉक स्तर पर वोट बैंक को मजबूत करने का खाका तैयार करना।
कांग्रेस इस प्रशिक्षण के जरिए न केवल बस्तर में अपने पुराने गढ़ को फिर से मजबूत करने की कोशिश में है, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक नींव भी यहीं से रख रही है।