जगदलपुर: देश की महामहिम राष्ट्रपति ने अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर का दौरा किया। इस विशेष यात्रा के दौरान राष्ट्रपति का विमान जगदलपुर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे बस्तर की आराध्य देवी, मां दंतेश्वरी के दरबार के लिए रवाना हुईं।

मां दंतेश्वरी के दरबार में टेका मत्था
जगदलपुर पहुंचने के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ने ऐतिहासिक और प्राचीन मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन किए। विधि-विधान और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ उन्होंने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और मंदिर में आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक और श्रद्धा का एक अनूठा वातावरण देखने को मिला।

देश और बस्तर की सुख-समृद्धि की कामना
मां दंतेश्वरी के चरणों में शीश झुकाते हुए राष्ट्रपति ने न केवल बस्तर अंचल बल्कि पूरे देश की खुशहाली, शांति और उत्थान की मणिकामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और समाज के हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचे।

दौरे का महत्व और संदेश
- आस्था का सम्मान: राष्ट्रपति का मां दंतेश्वरी के दरबार में पहुंचना बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति अगाध सम्मान को दर्शाता है।
- क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन: इस हाई-प्रोफाइल दौरे से बस्तर अंचल में विकास, पर्यटन और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को एक नई पहचान और गति मिलने की उम्मीद है।
- शांति और सद्भाव: मां दंतेश्वरी के प्रांगण से देश की सुख-समृद्धि का संदेश पूरे राष्ट्र में एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करता है।
यह एक दिवसीय दौरा बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जो यहां की लोक आस्था और सर्वोच्च संवैधानिक पद के बीच एक सुंदर समन्वय का प्रतीक है।