जगदलपुर: विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के दौरान एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया है। पर्व के मुख्य आकर्षण का केंद्र रहने वाले 8 चक्कों वाले भव्य विजय रथ (विशाल रथ) की परिक्रमा शुरू होने से ठीक पहले, रथ के पहिए के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से बस्तर दशहरा समिति और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है, और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर दशहरा की प्रमुख रस्मों में से एक ‘भीतर रैनी’ का आज विधान चल रहा था। इस विशेष रस्म को देखने और माता दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेने के लिए सिरहासार भवन और दंतेश्वरी मंदिर परिसर के आसपास हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हुए थे।
- मावली परघाव और रथ परिक्रमा: बस्तर दशहरा की अनोखी परंपरा के तहत ‘मावली परघाव’ की रस्म पूरी होने के बाद, माता दंतेश्वरी के पावन छत्र को 8 चक्कों वाले इस विशालकाय विजय रथ पर सवार किया जाना था और फिर मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई जानी थी।
- हादसे का वक्त: जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस वक्त तक विजय रथ पर माता दंतेश्वरी का छत्र भी सवार नहीं हुआ था। रथ की परिक्रमा शुरू होने से ठीक पहले भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच यह हादसा हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रथ के परिचालन को रोक दिया गया और एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया।

- मृतक की शिनाख्त जारी: अब तक मृतक व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्त (पहचान) करने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है।
- सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: हर साल बस्तर दशहरा में लाखों लोग शामिल होते हैं। भीतर रैनी और जोतने की रस्मों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होती है। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।