राष्ट्रपति का बस्तर दौरा: ऐतिहासिक मुरिया दरबार में होंगी शामिल,जानिए पूरे दौरे की जानकारी

​जगदलपुर: देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल यानी शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक उत्सव में शामिल होने के लिए बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे बस्तर संभाग और जिला प्रशासन में उत्साह का माहौल है, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

​राष्ट्रपति मुर्मू बस्तर दशहरा की सबसे महत्वपूर्ण, अनूठी और लोकतांत्रिक परंपरा माने जाने वाले ‘मुरिया दरबार’ में विशेष रूप से शिरकत करेंगी।

​राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट प्रोटोकॉल

​प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा बेहद व्यस्त और तय समय-सीमा के भीतर संपन्न होगा:

  • ​सुबह 11:15 बजे: राष्ट्रपति विशेष विमान से जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगी, जहां बस्तर के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उनका स्वागत करेंगे।
  • ​मंदिर दर्शन: एयरपोर्ट से सीधे प्रस्थान कर वह जगदलपुर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर पहुंचेंगी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना करेंगी।
  • ​सुबह 11:37 से दोपहर 12:35 बजे तक: राष्ट्रपति सिरहासार भवन स्थित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस दौरान वे बस्तर के पारंपरिक माझी, चालकी, पारखियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगी।

​मुरिया दरबार: लोकतंत्र और परंपरा का अनूठा संगम

बस्तर दशहरा अपनी 75 दिनों तक चलने वाली अनूठी और लंबी अवधि के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस उत्सव का सबसे खास आकर्षण मुरिया दरबार होता है, जिसे बस्तर की रियासतकालीन लोक-अदालत और जनसंवाद का जीवंत रूप माना जाता है।

​इस दरबार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें राजा, शासन-प्रशासन और आम आदिवासी प्रतिनिधि (माझी-चालकी) एक ही स्तर पर बैठकर क्षेत्र की समस्याओं, परंपराओं और जनहित के मुद्दों पर खुली चर्चा करते हैं। बस्तर की संस्कृति और आदिवासियों की स्वायत्तता का यह प्रतीक हर साल दशहरा पर्व के दौरान आकर्षण का मुख्य केंद्र रहता है।

​गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस ऐतिहासिक दरबार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे, और इस बार देश की प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति इस परंपरा के राष्ट्रीय महत्व को और अधिक गौरवशाली बनाती है।

​सुरक्षा और तैयारियां पूरी

​राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जगदलपुर शहर और मां दंतेश्वरी मंदिर से लेकर सिरहासार भवन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर ली है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बस्तर के आदिवासी समाज और आम नागरिकों में देश की राष्ट्रपति को अपने इस लोक-उत्सव में देखने और उनका स्वागत करने को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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