डेस्क । देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रपति के दौरे के औचित्य और बस्तर पंडुम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा उठाए गए सवालों के बाद भाजपा आक्रामक हो गई है। भाजपा सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए इसे जनजातीय समाज और सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान करार दिया है।
राष्ट्रपति का दौरा: गौरव और सौभाग्य का विषय
भाजपा सांसद संतोष पांडे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन को पूरे छत्तीसगढ़ और विशेषकर जनजातीय समाज के लिए अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, ऐसे में उनका बस्तर आना और स्थानीय लोगों से जुड़ना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। सांसद ने राष्ट्रपति के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा का हवाला देते हुए राजनीतिक बयानबाजी से इसे दूर रखने की नसीहत दी है और पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस के आरोप और भाजपा का पलटवार
- बस्तर पंडुम और विकास के मुद्दे: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राष्ट्रपति के दौरे से मिलने वाले लाभ पर सवाल उठाते हुए बस्तर पंडुम में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया था।
- भ्रष्टाचार के पुराने मामलों की याद: इस पर पलटवार करते हुए संतोष पांडे ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान हुए कथित कोयला घोटालों और महादेव सट्टा ऐप प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे सांस्कृतिक व खेल आयोजनों की आलोचना करने के लिए भी कांग्रेस को घेरा।
राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर भी सवाल
सियासी घमासान के बीच भाजपा सांसद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी की विदेशी यात्राओं से देश को क्या फायदा मिलता है और इन दौरों पर राष्ट्रहित के किन विषयों पर चर्चा होती है। संतोष पांडे ने आरोप लगाया कि इस तरह की लगातार विदेश यात्राओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित होती है।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति के बस्तर दौरे जैसे गरिमामयी और जनजातीय उत्थान से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच छिड़ी यह जुबानी जंग राज्य में राजनीतिक सरगर्मी को काफी बढ़ा चुकी है। बस्तर के विकास और आयोजनों को लेकर कांग्रेस के सवालों के जवाब में भाजपा ने भ्रष्टाचार के पुराने मुद्दों और राष्ट्रीय नेतृत्व को घेरकर सियासी पारा और ऊंचा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के इस तीखे पलटवार पर कांग्रेस की ओर से क्या जवाबी प्रतिक्रिया सामने आती है।