जगदलपुर: विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के दौरान एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया है। पर्व के सबसे बड़े आकर्षण और आस्था के केंद्र 8 पहियों वाले विजय रथ (फूल रथ) की परिक्रमा शुरू होने से ठीक पहले हुए एक हादसे में एक व्यक्ति की पहिए के नीचे आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से उत्सव परिसर में शोक और सनसनी फैल गई है।

कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर दशहरा की प्रमुख परंपरा ‘भीतर रैनी’ की रस्म के तहत आज रथ परिक्रमा का आयोजन किया जाना था। इस अनोखी और भव्य परंपरा को देखने के लिए छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हुए थे।

रथ परिक्रमा शुरू होने से पहले ही भारी भीड़ और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी गहमागहमी के बीच एक व्यक्ति अनियंत्रित होकर या भीड़ के दबाव के कारण 8 चक्कों वाले विशाल विजय रथ के नीचे आ गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते और रथ को रोकते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उस व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

अभी तक नहीं हो पाई है शिनाख्त
हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक अमले और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत रथ के परिचालन को रोक दिया और मौके पर एंबुलेंस को बुलाया गया।
मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्ती (पहचान) करने में जुटा हुआ है ताकि उसके परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दी जा सके।
नहीं हुआ था माता दंतेश्वरी का छत्र सवार
बस्तर दशहरा की परंपरा के अनुसार, ‘मावली परघाव’ की रस्म के बाद आराध्य देवी माता दंतेश्वरी के छत्र को 8 पहियों वाले इस भव्य विजय रथ पर सुशोभित कर मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई जाती है।
गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय तक रथ पर माता दंतेश्वरी का छत्र सवार नहीं हुआ था। छत्र के रथ पर विराजमान होने से पहले ही यह दुर्घटना घट गई, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रथ की परिक्रमा और परिचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बस्तर दशहरा एशिया का सबसे लंबा चलने वाला 75 दिनों का ऐतिहासिक और पारंपरिक पर्व है, जिसमें लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। भीतर रैनी और बाहर रैनी जैसे महत्वपूर्ण रथ परिक्रमा के दिनों में उमड़ने वाली बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से इतने बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतक की पहचान स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।