जगदलपुर । देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी संगठन लंबे समय से 5-डे बैंकिंग (सप्ताह में 5 दिन काम) लागू करने और PLI (परफॉर्मन्स लिंक्ड इंसेंटिव) में समानता की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि अन्य वित्तीय संस्थानों की तर्ज पर बैंकिंग क्षेत्र में भी ‘5 दिन काम और 2 दिन अवकाश’ की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिससे उनके पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर संतुलन बन सके।
हड़ताल की मुख्य बातें
- व्यापक सहभागिता: हड़ताल में सरकारी और निजी क्षेत्र के लगभग 28 बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं।
- ग्राहकों के लिए सलाह: असुविधा से बचने के लिए बैंक प्रतिनिधियों ने ग्राहकों से एटीएम, यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने की अपील की है।
- आगामी आंदोलन की चेतावनी:
- यदि सरकार ने मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
- इसके बावजूद समाधान न निकलने पर अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।
प्रमुख यूनियन प्रतिनिधि और वक्तव्य
- दीपेश कुमार पंड्या (रीजनल सेक्रेटरी, बैंक ऑफ बड़ौदा एम्प्लॉइज यूनियन फेडरेशन)
- भावना पंड्या (कर्मचारी प्रतिनिधि, भारतीय स्टेट बैंक)
- संबित बिस्वाल (रीजनल सेक्रेटरी, एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन)