जगदलपुर । सावन के पावन महीने में बस्तर में शिवभक्ति का रंग देखने को मिला। सौंडिक समाज की ओर से लगातार 11वें वर्ष कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। महादेव घाट से शुरू हुई इस यात्रा में समाज के साथ सनातन समाज के लोगों ने भी उत्साह से हिस्सा लिया। कांवड़िए जल लेकर नाचते-गाते और भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ करीब 6 किलोमीटर की यात्रा कर गणपति सिद्धेश्वर शिवालय, धरमपुरा पहुंचे जहां भगवान शिव को जल अर्पित किया गया। इस यात्रा में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजकों ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और खुशहाली का प्रतीक बताया। सौंडिक समाज ने भगवान भोलेनाथ से बस्तर, छत्तीसगढ़ और पूरे देश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। साथ ही बस्तर में कायम हो रही शांति को और मजबूत बनाने की प्रार्थना भी की।

