डेस्क । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और आसपास के मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों तक मौसम का रुख बेहद मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को बस्तर संभाग के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तेज तूफानी हवाओं की प्रबल संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 28 अक्टूबर के लिए बस्तर संभाग के प्रमुख जिलों में ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया है।
हवा की गति 70 किमी/घंटा तक पहुँचने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिसके झोंके (Gusts) 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तेज हवाओं के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जिलावार मौसम का अलर्ट स्टेटस
मौसम विभाग ने बारिश और तूफान की तीव्रता के आधार पर जिलों को तीन अलर्ट श्रेणियों में बांटा है:
27 अक्टूबर: ‘येलो अलर्ट’
- प्रभावित क्षेत्र: बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर।
- संभावना: मध्यम से भारी बारिश और हल्की से मध्यम हवाएं।
28 अक्टूबर: ‘रेड अलर्ट’ (अत्यंत भारी बारिश)
- प्रभावित क्षेत्र: बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर।
- संभावना: अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) और 70 किमी/घंटा तक की गति से हवाएं चलने की आशंका।
28 अक्टूबर: ‘ऑरेंज अलर्ट’ (बहुत भारी बारिश)
- प्रभावित क्षेत्र: नारायणपुर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और राजनांदगांव।
- संभावना: कई इलाकों में बहुत भारी बारिश और तेज अंधड़।
जिला प्रशासन और आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस भीषण रूप को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है। आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित अपील व दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- जलभराव व नदियों से दूरी बनाएं: नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। उफान वाले नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले निचले क्षेत्रों को पार करने की कोशिश न करें।
- कमजोर संरचनाओं से दूर रहें: तेज हवाओं के चलते पेड़, होर्डिंग्स और जर्जर मकान गिर सकते हैं। आंधी-तूफान के समय बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पक्के मकानों या सुरक्षित इमारतों के अंदर ही रहें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से निकाल दें।
- आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें: केवल मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी की जा रही आधिकारिक चेतावनियों और सूचनाओं पर ही भरोसा करें।