​धूमधाम से शुरू हुआ ‘राज्योत्सव 2026’: नवा रायपुर में दिखी संस्कृति और विकास की अद्भुत झलक

मुख्यमंत्री ने पूर्व पीएम अटल जी का जताया आभार; कहा— नक्सलवाद खत्म कर विकास के पथ पर अग्रसर है छत्तीसगढ़।

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। इस भव्य समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और विकास की अद्भुत झलक देखने को मिल रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। मंच पर डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, मंत्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब सहित मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

​अटल जी के योगदान को किया नमन

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का स्वागत करते हुए सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के राजनीतिक परिदृश्य और 2023 के विधानसभा चुनाव में उनका बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि अटल जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण संभव हो पाया। प्रदेश की जनता अटल जी के इस योगदान के लिए सदैव ऋणी रहेगी।

​सरकार के तीन साल और विकास के कीर्तिमान

​मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और तीन वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने जो भी वादे प्रदेश की जनता से किए थे, उन्हें एक-एक कर पूरा किया जा रहा है:

  • ​नक्सलवाद का खात्मा: सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा था। हमारी सरकार ने दृढ़ संकल्प के साथ काम करते हुए प्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, जिससे अब बस्तर और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई सुबह हुई है।
  • ​किसान कल्याण व महतारी वंदन: सरकार को ‘किसान हितैषी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा, राज्य की साढ़े 68 लाख महिलाओं को नियमित रूप से ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत: तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि की गई है और संग्राहकों के सम्मान के लिए ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः शुरू कर दिया गया है।

​सांस्कृतिक छटा से सराबोर नवा रायपुर

राज्योत्सव के इस तीन दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और विभागीय विकास प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। नवा रायपुर का आयोजन स्थल रोशनी से जगमगा उठा है और भारी संख्या में नागरिक इस ऐतिहासिक उत्सव के साक्षी बन रहे हैं।

Share :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *