डेस्क । पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रशासनिक सख्ती के बीच टकराव तेज हो गया है। आम नागरिकों के जरूरी काम और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधा को देखते हुए संभागायुक्त (कमिशनर) नरेंद्र दुग्गा के निर्देश पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हड़ताली पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।

मुख्य बिंदु: प्रशासन की कार्रवाई और निर्देश
- नोटिस और स्पष्टीकरण: संभाग के सभी 819 हड़ताली पटवारियों को संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) द्वारा शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही, उसी दिन व्यक्तिगत रूप से लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- बलरामपुर में निलंबन की कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन कर मुख्यालय पर निवास न करने वाले 5 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, जिससे प्रशासन ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी: निर्धारित समयावधि में काम पर नहीं लौटने वाले पटवारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन कटौती और अनुपस्थिति की अवधि को ‘ब्रेक इन सर्विस’ (सेवा में व्यवधान) माना जाना शामिल है।
क्यों उठाया गया यह कदम? (प्रभावित कार्य)
पटवारियों के हड़ताल पर रहने के कारण मैदानी स्तर पर जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण और समय-संवेदनशील कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है:
- फसल क्षति सर्वेक्षण: प्राकृतिक आपदाओं या मौसम की मार से प्रभावित फसलों का आंकलन रुकने से किसानों को मुआवजा मिलने में देरी हो रही है।
- धान खरीदी: धान उपार्जन और उससे जुड़े सत्यापन कार्यों में पटवारियों की भूमिका अहम होती है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
- राजस्व कार्य: नामांतरण, बटवारा, आय-जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े काम अटके हुए हैं, जिससे आम नागरिक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
आगे की स्थिति
प्रशासन द्वारा दिए गए इस कड़े अल्टीमेटम और निलंबन-कार्रवाई की चेतावनी के बाद पटवारी संघ और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। एक तरफ जहां सरकार आवश्यक सेवाओं और जनता की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए काम जल्द शुरू करवाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पटवारी संघ प्रशासन के इस दबाव के आगे क्या रुख अपनाता है।
