- स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट: 2018 से लंबित मांगों को लेकर आज सड़कों पर उतरीं प्रदेश की नर्सेस
डेस्क । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली नर्सेस ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। 2018 से पेंडिंग ‘ग्रेड पे’ बढ़ाने की मांग को लेकर आज, 30 अक्टूबर को प्रदेशभर की नर्सेस सामूहिक अवकाश (Mass Leave) पर हैं। अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए वे राजधानी रायपुर में एकत्र होकर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर रही हैं।
2018 से लंबित है मांग
नर्सेस एसोसिएशन का कहना है कि वे वर्ष 2018 से लगातार ग्रेड पे में संशोधन और सुधार की मांग कर रही हैं। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय या प्रशासनिक फैसला नहीं लिया गया है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार होने के कारण अब प्रदेश की नर्सेस में गहरा असंतोष व्याप्त है।

दीवाली तक अल्टीमेटम: अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
आंदोलनरत नर्सेस ने शासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दीवाली से पहले उनकी ग्रेड पे की मांग पूरी नहीं की गई, तो वे त्योहार के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने के लिए मजबूर होंगी। नर्सेस नेताओं का कहना है कि सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से वे सरकार को अंतिम अवसर दे रही हैं, और यदि अब भी सुनवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका
एक साथ प्रदेशभर की नर्सेस के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था चरमराने की आशंका बढ़ गई है:
- ओपीडी और वार्ड सेवाएं: मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है।
- इमरजेंसी एवं आईसीयू: हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन नर्सेस की गैरमौजूदगी से गंभीर मरीजों की निगरानी और नियमित इलाज में समस्याएं आ सकती हैं।