तबाही का वीडियो आया सामने,नेपाल में भोटेकोशी नदी का तांडव: कई लापता, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स तबाह; बिहार में हाई अलर्ट….

डेस्क – नेपाल के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद भोटेकोशी (Bhote Koshi) नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नदी के रौद्र रूप के कारण तटीय इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार कई स्थानीय नागरिक लापता हैं, जबकि क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों और कई तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। बाढ़ की चपेट में आने से कई जलविद्युत (हाइड्रोपावर) प्रोजेक्ट पूरी तरह बह गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

तबाही का प्रमुख ब्योरा

  • लापता लोग और संपर्क भंग: भोटेकोशी के तटबंधों को तोड़कर बहे पानी ने कई रिहायशी मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ के कारण दूरसंचार और बिजली सेवाएं ठप होने से पुलिस चौकियों और दूर-दराज के इलाकों में मौजूद तीर्थयात्रियों से संपर्क कट गया है।
  • हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान: नदी पर बने निर्माणाधीन और संचालित जलविद्युत संयंत्रों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। पानी के प्रचंड वेग में टरबाइन, पावरहाउस और भारी मशीनरी बह गई है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
  • अवसंरचना (Infrastructure) ध्वस्त: बाढ़ ने मुख्य सड़कों, पक्के पुलों और पैदल झूला पुलों को तिनके की तरह बहा दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य

​नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत कार्य चला रही हैं।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: नदी के बहाव और लगातार खराब मौसम के बावजूद फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर और रबर बोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • अस्थायी शिविर: बेघर हुए लोगों के लिए ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, साफ पानी और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।

भारत के बिहार राज्य में अलर्ट

​भोटेकोशी नदी आगे चलकर नेपाल में सुनकोशी और फिर सप्तकोशी (कोशी नदी) में मिलती है, जो सीधे भारत के बिहार राज्य में प्रवेश करती है। नेपाल में आई इस अचानक बाढ़ को देखते हुए बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग ने सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

  • निचले इलाकों को खाली कराने के निर्देश: सुपौल, मधुबनी, अररिया, और पूर्णिया जैसे सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को कोशी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
  • तटबंधों की निगरानी: इंजीनियरों की टीम कोशी बैराज और नदी के तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित कटाव या खतरे को समय रहते टाला जा सके।
  • एनडीआरएफ (NDRF) की तैनाती: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बिहार के तटीय इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर दिया गया है।

​मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में पहाड़ी क्षेत्रों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने आम जनता से नदी तटों से दूर रहने और सतर्क रहने की अपील की है।

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