भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट … बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब: 24 सितंबर को तट पार करने के आसार…

डेस्क । पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरा अवदाब (Deep Depression) तेजी से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के अनुसार, यह चक्रवाती तंत्र गुरुवार, 24 सितंबर की सुबह विशाखापट्टनम और पुरी के बीच तट को पार करेगा।

​तट से टकराने के बाद भी इस प्रणाली के कमजोर पड़ने की संभावना नहीं है। यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने चक्रवाती रूप में बनी रहेगी, जिससे मध्य भारत का मौसम बड़े पैमाने पर प्रभावित होगा।

​छत्तीसगढ़ के मौसम में व्यापक बदलाव

​इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से 24 सितंबर से छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है:

  • ​बारिश का अनुमान: राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होगी, जबकि कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।
  • ​वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट: मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

​दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में सबसे तीखा असर

​इस चक्रवाती तंत्र का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों (बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर) में देखने को मिलेगा:

  • ​भारी से अत्यधिक भारी बारिश: दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और एक-दो इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
  • ​प्रशासन अलर्ट मोड पर: संभावित जलभराव और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF/SDRF) को मुस्तैद कर दिया गया है। निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

​सुरक्षा निर्देश एवं सावधानियां

​खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. ​खुले में जाने से बचें: तेज कड़क और बारिश के दौरान खुले मैदानों, खेतों या धातु के ढांचे के पास न रहें।
  2. ​पेड़ों के नीचे आश्रय न लें: वज्रपात के दौरान अक्सर बिजली पेड़ों पर गिरती है, इसलिए किसी भी बड़े पेड़ के नीचे खड़े न हों।
  3. ​सफर में सावधानी: भारी बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है और जलभराव वाले रास्तों या पुल-पुलियों पर जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है; बेवजह यात्रा करने से बचें।
  4. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सतर्क उपयोग: बिजली चमकने के दौरान घर के संवेदनशील बिजली उपकरणों को अनप्लग कर दें।
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