केवड़िया में ‘भारत पर्व’: छत्तीसगढ़ की शिल्पकला के मुरीद हुए PM मोदी, बस्तर के डोकरा और बांस शिल्प की जमकर की सराहना
डेस्क । गुजरात के केवड़िया में आयोजित ‘भारत पर्व’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प कला का डंका बजा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्व के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल का अवलोकन किया और प्रदेश की अद्भुत शिल्पकला को देखकर भावविभोर हो गए।

विशेष रूप से बस्तर और नारायणपुर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला—डोकरा और बांस शिल्प—ने प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने न केवल इस कलाकृतियों की बारीकियों को सराहा, बल्कि बस्तर से आए स्थानीय कलाकारों से व्यक्तिगत रूप से आत्मीय बातचीत भी की।
छत्तीसगढ़ स्टॉल बना आकर्षण का मुख्य केंद्र
केवड़िया में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से राज्य की अनूठी संस्कृति और कला को वैश्विक मंच देने के लिए विशेष स्टॉल लगाया गया था।
- पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन: स्टॉल में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धातु कला (डोकरा शिल्प), बांस कला, काष्ठ कला और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
- दर्शकों और पर्यटकों का तांता: बस्तर और नारायणपुर के शिल्पकारों द्वारा निर्मित कलाकृतियाँ भारत पर्व में आए देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
- कलाकारों से सीधा संवाद: PM मोदी ने डोकरा और बांस की वस्तुएं बनाने की तकनीक के बारे में बारीकी से जाना।
- स्थानीय कला को प्रोत्साहन: प्रधानमंत्री के इस प्रोत्साहन से बस्तर और नारायणपुर के कलाकारों में भारी उत्साह है।
- ‘वोकल फॉर लोकल’ को मिला बल: इस अवसर ने राज्य के जनजातीय शिल्पकारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।