डेस्क । 4 करोड़ रुपये कैश बरामदगी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुजरात की महिला कृषि कारोबारी द्वारा जब्त की गई नकदी को वापस पाने (सुपुर्दनामा) के लिए दायर किए गए आवेदन को दुर्ग कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कैश को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की थी।
कोर्ट में सुपुर्दनामा आवेदन
कार्रवाई के बाद गुजरात की महिला कृषि कारोबारी ने बरामद नकदी पर अपना दावा ठोकते हुए दुर्ग कोर्ट में सुपुर्दनामा (कैश की अंतरिम कस्टडी) का आवेदन दाखिल किया था।

- दावा: कारोबारी की ओर से अदालत के समक्ष नकदी से जुड़े सभी आवश्यक एवं वैध दस्तावेज (बिज़नेस एवं टैक्स से संबंधित प्रमाण) प्रस्तुत किए गए थे।
- पूर्व का रिकॉर्ड: याचिका में यह भी उल्लेख किया गया था कि पूर्व में भी अन्य राज्यों में इस प्रकार की जब्ती के मामलों में कोर्ट द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नकदी वापस ली जा चुकी है।
⚖️ कोर्ट ने आवेदन क्यों किया खारिज?
दुर्ग कोर्ट ने मामले की गंभीरता और वैधानिक प्रक्रिया को देखते हुए महिला कारोबारी के आवेदन को खारिज कर दिया।
मुख्य कारण: पुलिस द्वारा इस पूरे वित्तीय मामले और नकदी के स्रोत की विस्तृत जांच आयकर विभाग (Income Tax Department) को सौंपी जा चुकी है। चूंकि मामला अब आईटी विभाग की आधिकारिक जांच के दायरे में है, इसलिए इस चरण पर कोर्ट ने सुपुर्दनामा आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
आगे क्या?
आयकर विभाग अब इस 4 करोड़ रुपये के स्रोत, लेनदेन के माध्यम, और टैक्स संबंधी सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने और आईटी विभाग द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद ही नकदी के संबंध में अगला कानूनी कदम उठाया जा सकेगा।