कांग्रेस मंडल अध्यक्ष की हत्या की साजिश का पत्र मिलने से हड़कंप..

डेस्क । 29 अगस्त को हुए जानलेवा हमले के बाद अब डाक से मिला गुमनाम पत्र; एसपी राजेश अग्रवाल ने दिए तत्काल जांच के निर्देशा

अम्बिकापुर काँग्रेज़ के वरिष्ठ स्थानीय नेता एवं मंडल अध्यक्ष गुरुप्रीत सिद्धू की हत्या की साजिश की आशंका से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हाल ही में 29 अगस्त को हुए जानलेवा हमले का शिकार हुए सिद्धू को अब डाक (स्पीड पोस्ट/साधारण डाक) के जरिए एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में उनकी हत्या की नई साजिश रचे जाने का सनसनीखेज दावा किया गया है।

​पत्र में हत्या की साजिश का दावा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुप्रीत सिद्धू को मिले इस पत्र में किसी अज्ञात प्रेषक द्वारा सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। पत्र के भीतर तो प्रेषक का कोई नाम या पता दर्ज नहीं है, लेकिन लिफाफे के ऊपर एक नाम अंकित है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उनकी जान को खतरा है और उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है। 29 अगस्त को हुए हमले के बाद इस तरह के पत्र का सामने आना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।

​एसपी राजेश अग्रवाल से मुलाकात और आवेदन

पत्र मिलते ही गुरुप्रीत सिद्धू ने बिना किसी देरी के पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश अग्रवाल से मुलाकात की और मामले की पूरी जानकारी देते हुए पत्र की प्रति के साथ एक लिखित आवेदन सौंपा। सिद्धू ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने और पत्र भेजने वाले का पर्दाफाश करने की मांग की है।

​पुलिस अधीक्षक के निर्देश और जांच शुरू

​मामले की गंभीरता और गुरुप्रीत सिद्धू के राजनीतिक कद को देखते हुए एसपी राजेश अग्रवाल ने बिना समय गंवाए तत्काल जांच के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले को प्राथमिकता पर लिया है।

​“मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित थाना पुलिस और साइबर सेल को त्वरित जांच के निर्देश दिए गए हैं। गुमनाम पत्र में किए गए दावों, लिफाफे पर दर्ज नाम और डाकघर के माध्यम से पत्र के स्रोत की बारीकी से जांच की जा रही है।”

— पुलिस प्रशासन/एसपी राजेश अग्रवाल

​पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:

  • ​डाकघर का विवरण: पत्र किस डाकघर से पोस्ट किया गया था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
  • ​लिफाफे पर दर्ज नाम: लिफाफे पर लिखे नाम के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान और संलिप्तता की तलाश की जा रही है।
  • ​पूर्व हमले का संबंध: 29 अगस्त को हुए हमले के आरोपियों और इस नए पत्र के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी गहनता से जांच हो रही है।

​फिलहाल, इस घटना के बाद से स्थानीय राजनीति गरमा गई है और पुलिस बल सतर्क मोड पर है।

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