डेस्क । शिक्षा और प्रतिभा किसी संसाधन या भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती—इस बात को एक बार फिर बस्तर की होनहार बेटियों ने सच साबित कर दिखाया है। आदिवासी बहुल और प्राकृतिक सुंदरता से घिरे बस्तर संभाग ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
दरभा ब्लॉक के अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छिंदावाड़ा की दो प्रतिभाशाली छात्राओं—कक्षा 12वीं की लक्ष्मी भारद्वाज और कक्षा 10वीं की गौरी नाग—का चयन प्रतिष्ठित ‘नेशनल विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार क्विज 4.0’ के लिए हुआ है।

गुजरात में लहराया प्रतिभा का परचम
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (GUJCOST) द्वारा आयोजित की जाती है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश भर के कई छात्र-छात्रों ने हिस्सा लिया, जिसमें बस्तर की इन दोनों बेटियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता और विज्ञान के प्रति समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चयन सूची में अपना स्थान सुरक्षित किया।
यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे बस्तर संभाग के लिए गर्व का क्षण है।
प्रशासनिक सराहना और सम्मान
बस्तर की इन दोनों बेटियों की इस शानदार सफलता पर जिला प्रशासन ने भी गर्व महसूस किया है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने दोनों छात्राओं को अपने कार्यालय में आमंत्रित कर सम्मानित किया।
कलेक्टर ने न केवल उनकी इस उपलब्धि की खुलकर सराहना की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
संघर्ष से सफलता तक: प्रेरणा की मिसाल
दूरस्थ और आदिवासी बहुल अंचल से ताल्लुक रखने वाली लक्ष्मी और गौरी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलें, तो बस्तर के युवा किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का डंका बजा सकते हैं। एकलव्य विद्यालयों जैसी आवासीय संस्थाएं इन ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सपनों को पंख देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इन दोनों छात्राओं की यह सफलता बस्तर की आने वाली पीढ़ी को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। पूरा बस्तर संभाग इन बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।